15 साल पहले पिता का कत्ल कर भागा था इमरान...अब रमजान में घर की याद आई तो चढ़ा पुलिस के हत्थे

गुजरात के सूरत में 15 साल पुराने हत्याकांड का पुलिस ने आखिरकार खुलासा कर दिया. साल 2011 में रांदेर इलाके में अपने पिता की हत्या कर फरार हुए आरोपी बेटे मोहम्मद इमरान उर्फ गुड्डू को क्राइम ब्रांच ने बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया है. आरोपी पिछले कई वर्षों से मुंबई में नाम बदलकर रह रहा था. रमजान के दौरान गांव लौटने पर पुलिस ने उसे दबोच लिया.

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अब रमजान में घर लौटा पिता का हत्यारा तो पुलिस ने दबोचा (Photo: representational image) अब रमजान में घर लौटा पिता का हत्यारा तो पुलिस ने दबोचा (Photo: representational image)

ब्रिजेश दोशी

  • सूरत,
  • 12 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:16 PM IST

गुजरात में सूरत शहर की क्राइम ब्रांच ने 15 साल पुराने हत्याकांड को सुलझा लिया है. साल 2011 में रांदेर इलाके में अपने पिता की बेरहमी से हत्या करने और मां पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी बेटे मोहम्मद इमरान उर्फ गुड्डू को पुलिस ने मुजफ्फरपुर जिले के ऐराई रामपुर गांव से गिरफ्तार किया है.

15 सालों तक नाम बदलकर मुंबई में रहा

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रमजान के महीने में अपने घर जाना आरोपी को महंगा पड़ा. 15 सालों तक अपनी पहचान छूपाकर मुंबई में काम करने के बाद अपने घर पहुंचे आरोपी इमरान को सूरत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. साल 2011 में मोहम्मद अताउर रहमान शेख अपने परिवार के साथ रांदेर के भरूची भागल इलाके में रहते थे. उनके बेटे इमरान उर्फ गुड्डू के पास कोई काम-नौकरी नहीं थी जिसके कारण उसके पिता उसे अक्सर डांटते थे. घटना वाले दिन सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच पिता और बेटे के बीच पैसों और काम को लेकर तीखी बहस हुई. जब पिता ने गुस्से में आकर इमरान को 'घर छोड़कर चले जाओ' कहा, तो इमरान ने आपा खोकर अपने पिता की हत्या कर दी. 

लोहे के तवे से किया था पिता पर वार

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गुस्से में अंधे हुए इमरान ने रसोई से लोहे का तवा उठाया और अपने पिता के पेट, गर्दन और हाथों पर एक के बाद एक वार करने लगा. खून से लथपथ पड़े पिता को देखकर भी बेटे का दिल नहीं पिघला. उसने अपने पिता को बचाने की कोशिश कर रही अपनी जन्मदाता मां पर भी जानलेवा हमला कर दिया. अपने माता-पिता को अधमरा छोड़कर उसने कमरे को बाहर से बंद कर दिया और वहां से भाग गया. इस हमले में उसके पिता की मृत्यु हो गई. हत्या के बाद इमरान गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया. पहले उसने ट्रेन पकड़ी और कोलकाता भाग गया, जहां वह चार-पांच दिन रेलवे स्टेशन के आसपास भटकता रहा. 

धारावी में रह रहा था आरोपी

इसके बाद वह मुंबई पहुंचा और एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती मानी जाने वाली धारावी में शरण ली. यहां उसने अपनी असली पहचान छिपा ली और खानपान व्यवसाय में मजदूर के रूप में काम करने लगा. पिछले 15 वर्षों से वह मुंबई में एक सामान्य मजदूर के रूप में रह रहा था और पुलिस से बच रहा था. रमज़ान का पवित्र महीना चल रहा था, इसलिए इमरान को अपने घर की याद आई. लंबे समय बाद वह मुंबई से बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित अपने गांव ऐराई रामपुर गया था.

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ह्युमन इंटेलीजंस और तकनीकी स्रोतों से पकड़ा गया इमरान

सूरत क्राईम ब्रांच की टीम ह्युमन इंटेलीजंस और तकनीकी स्रोतों के माध्यम से लगातार उस पर नजर रख रही थी. जैसे ही सूचना मिली कि आरोपी अपने घर लौट आया है, सूरत पुलिस की एक टीम तुरंत बिहार भेजी गई. सूरत से 1,750 किलोमीटर दूर नेपाल सीमा के पास पहुंची पुलिस ने स्थानीय नेटवर्क की मदद से इमरान का पता लगाया. पुलिस ने बिना किसी देरी के रामपुर गांव पर छापा मारा और फिल्मी अंदाज में इमरान उर्फ गुट्टू को गिरफ्तार कर लिया. अदालत ने पहले ही आरोपी के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 70 के तहत वारंट जारी किया था. सालों से पुलिस से बचता आ रहा आरोपी आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है. 

सूरत क्राइम ब्रांच ने आरोपी को गिरफ्तार कर सूरत लाया है. प्रारंभिक पूछताछ में उसने अपने पिता की हत्या करने की बात कबूल कर ली है. अब क्राइम ब्रांच आरोपी को रांदेर पुलिस को सौंप देगी, जहां उसके खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास के आरोप में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. 

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