फर्जी CBI अफसर बन बुजुर्ग महिला को किया 'डिजिटल अरेस्ट', 1.34 करोड़ ठगने वाला सूरत से गिरफ्तार

सूरत क्राइम ब्रांच ने कर्नाटक की बुजुर्ग महिला को नकली CBI अधिकारी बनकर 'डिजिटल अरेस्ट' करने और 1.34 करोड़ रुपए ठगने वाले मुख्य आरोपी जिग्नेश उर्फ जितो मिस्त्री को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने वीडियो कॉल पर नकली पुलिस और CBI ऑफिस का सेटअप दिखाकर महिला को डराया था. पुलिस ने आरोपी को अमरोली इलाके से पकड़ा और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.

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व्हाट्सएप कॉल से शुरू हुआ खेल.(Photo: Sanjay Singh J Rathod/ITG) व्हाट्सएप कॉल से शुरू हुआ खेल.(Photo: Sanjay Singh J Rathod/ITG)

संजय सिंह राठौर

  • सूरत,
  • 28 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:59 PM IST

सूरत शहर क्राइम ब्रांच को करोड़ों रुपए की साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने कर्नाटक के कोलार साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को सूरत से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान 42 वर्षीय जिग्नेश उर्फ जितो मिस्त्री धीरजलाल वघाड़िया के रूप में हुई है, जो पेशे से रियल एस्टेट ब्रोकर है.

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आरोपी सूरत के अमरोली इलाके स्थित कृष्ण नगर सोसायटी में रहता था, जबकि उसका मूल निवास मोरबी जिले के सनाला रोड क्षेत्र में है. पुलिस के अनुसार, आरोपी करोड़ों रुपए की डिजिटल अरेस्ट ठगी में शामिल था. मामले में कर्नाटक पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी.

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यह पूरा मामला 7 दिसंबर 2024 का बताया गया है. पीड़ित बुजुर्ग महिला के व्हाट्सएप नंबर पर एक अज्ञात कॉल आया था. कॉल करने वाले ने खुद को नई दिल्ली TRAI का वरिष्ठ अधिकारी “विजय शर्मा” बताते हुए महिला से कहा कि उनके फोन नंबर का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में हो रहा है और उनके खिलाफ FIR दर्ज की जा रही है.

नकली CBI और दिल्ली पुलिस बनाकर डराया

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साइबर ठगों ने महिला को डराने के लिए नकली पुलिस स्टेशन और सरकारी कार्यालय जैसा सेटअप तैयार किया था. इसके बाद महिला को वीडियो कॉल किया गया. वीडियो कॉल में एक व्यक्ति ने खुद को दिल्ली पुलिस अधिकारी “प्रदीप सिंह” और दूसरे ने खुद को CBI का वरिष्ठ अधिकारी बताया.

आरोपियों ने महिला पर झूठा आरोप लगाया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग, फर्जी बैंक खाते और ह्यूमन ट्रैफिकिंग जैसे मामलों में किया गया है. ठगों ने मामले की गोपनीयता बनाए रखने और घर से बाहर नहीं निकलने का दबाव भी बनाया.

महिला को व्हाट्सएप पर नकली CBI नोटिस और लेटरहेड भेजे गए. इसके बाद आरोपियों ने कहा कि RBI उनके बैंक खातों की जांच करेगा और जांच पूरी होने के बाद पैसे वापस कर दिए जाएंगे. मानसिक दबाव और डर के कारण महिला ने आरोपियों द्वारा बताए गए तीन अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.34 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए.

मुखबिर की सूचना पर सूरत से गिरफ्तारी

मामले का खुलासा होने के बाद कर्नाटक के कोलार साइबर पुलिस स्टेशन में आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया. सूरत पुलिस कमिश्नर और क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के निर्देशन में आरोपी की तलाश शुरू की गई.

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मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर सूरत क्राइम ब्रांच ने जाल बिछाकर आरोपी जिग्नेश उर्फ जितो मिस्त्री को न्यू कोसाड रोड, अमरोली इलाके से गिरफ्तार कर लिया. अब आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कर्नाटक की कोलार साइबर क्राइम पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है.

सूरत क्राइम ब्रांच ने जनता को चेतावनी देते हुए कहा है कि कोई भी सरकारी एजेंसी जैसे CBI, ED या पुलिस कभी भी व्हाट्सएप या वीडियो कॉल के जरिए “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती और न ही पैसों की मांग करती है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें.

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