गुजरात के सूरत शहर के उधना इलाके से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है. औद्योगिक क्षेत्र माने जाने वाले उधना के भीमनगर इलाके के पास एक नवजात बच्चे का भ्रूण जली हुई हालत में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई. बताया जा रहा है कि यह भ्रूण करीब 6 से 7 दिन के नवजात का था. सुबह जब स्थानीय लोगों की नजर इस भयावह दृश्य पर पड़ी तो इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
घटना की जानकारी तेजी से पूरे इलाके में फैल गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए. मासूम बच्चे के शव को जली हुई हालत में देखकर लोग सन्न रह गए. इस अमानवीय घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश भी देखने को मिला. लोगों ने मामले की जानकारी तुरंत पुलिस को दी.
यह भी पढ़ें: प्रेमी के दबाव और धमकियों से टूट गई जिंदगी, सूरत में प्रेमिका ने लगाई फांसी
सूचना मिलते ही उधना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की. मामले को लेकर पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी हुई है.
कचरे के ढेर में फेंका गया था भ्रूण
उधना थाने के पीआई आर. एम. ठाकोर ने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा इस नवजात भ्रूण को कचरे के ढेर में फेंक दिया गया था. इसके बाद किसी अन्य व्यक्ति द्वारा या किसी दूसरे कारण से कचरे में आग लगी या लगाई गई, जिसकी चपेट में आने से यह मृत नवजात भ्रूण भी काफी हद तक जल गया.
पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि भ्रूण पहले से मृत था और बाद में आग लगने की वजह से उसका शरीर झुलस गया. हालांकि मामले की पूरी सच्चाई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. पुलिस ने जले हुए नवजात भ्रूण को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है.
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
मेडिकल जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भ्रूण की सही उम्र कितनी थी, वह लड़का था या लड़की और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई. पुलिस मामले को गंभीरता से लेकर जांच कर रही है.
फिलहाल उधना पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नवजात भ्रूण को वहां कौन फेंककर गया था. इसके अलावा आसपास की क्लिनिक, अस्पताल और गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टरों की भी जांच की जा रही है. पुलिस देर रात और सुबह के समय इलाके में आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों और वाहनों की पहचान में जुटी हुई है.
संजय सिंह राठौर