'सरकार की हर बड़ी योजना के केंद्र में देश की नारीशक्ति है', गुजरात के अंबाजी में बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दो दिन के दौरे पर हैं. आज दूसरे दिन वह अंबाजी पहुंचे हैं. जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया. यहां उन्होंने कहा कि इस बार ऐसे समय में यहां आया हूं जब विकसित भारत का विराट संकल्प देश ने लिया है. मां अंबा के आशीर्वाद से हमें हमारे सभी संकल्पों की सिद्धि के लिए शक्ति मिलेगी, ताकत मिलेगी.

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गुजरात के अंबाजी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के अंबाजी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 7:54 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात दौरे के दूसरे दिन अंबाजी पहुंचे हैं. यहां उन्होंने लोगों को 7200 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात दी. इस दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार ऐसे समय में यहां आया हूं जब विकसित भारत का विराट संकल्प देश ने लिया है. मां अंबा के आशीर्वाद से हमें हमारे सभी संकल्पों की सिद्धि के लिए शक्ति मिलेगी, ताकत मिलेगी. जब हम नारी सम्मान की बात करते हैं, तो हमारे लिए ये बहुत सहज सी बात लगती है. लेकिन जब हम गंभीरता से इस पर विचार करते हैं, तो पाते हैं कि हमारे संस्कारों में नारी सम्मान कितना रचा-बसा है.ये हमारे संस्कार ही हैं कि हम अपने देश भारत को भी मां के रूप में देखते हैं, खुद को मां भारती की संतान मानते हैं.

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उन्होंने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में गरीब परिवारों की बहनों को अपनी रसोई चलाने में समस्या ना हो, इसलिए सरकार ने मुफ्त राशन की योजना को आगे बढ़ा दिया है. मुश्किल समय में देश के 80 करोड़ से अधिक साथियों को राहत देने वाली इस स्कीम पर केंद्र सरकार करीब-करीब 4 लाख करोड़ रुपए खर्च कर रही है. टॉयलेट्स हों, गैस कनेक्शन हों, हर घर जल हो, जनधन खाते हों, मुद्रा योजना के तहत मिल रहे बिना गारंटी के ऋण हों, केंद्र सरकार की हर बड़ी योजना के केंद्र में देश की नारीशक्ति है. अभी तक देश में 3 करोड़ से अधिक घर बनाकर हमने गरीबों को दिए हैं. इनमें से अधिकतर घरों की मालकिन माताएं, बहनें हैं.

पीएम ने कहा कि बीते 2 दशकों के निरंतर प्रयासों से बनासकांठा की तस्वीर बदल चुकी है. नर्मदा के नीर, सुजलाम-सुफलाम और ड्रिप इरीगेशन ने स्थिति को बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है. आपसे मैंने मां सरस्वती को स्थान देने का आग्रह किया था. मुझे याद है मैं बहनों से बार बार कहता था, बेटियां नहीं पढ़ेंगी तो उस घर में सरस्वती कभी नहीं होगी और जहां सरस्वती न हो, वहां मां लक्ष्मी कभी नहीं आएगी. 

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