गुजरात में टिड्डियों का आंतक: DJ बजाने और थाली पीटने को मजबूर किसान

खेतों में खड़ी फसल को बर्बाद होने से बचाने के लिए किसान ध्वनि यंत्र का भी उपयोग कर रहे हैं. हाथ में थाली और लाठी लेकर पिट रहे हैं, तो कुछ गांव में किसान डीजे का इस्तेमाल भी कर रहे हैं. वहीं खेतों में फसल के ऊपर पंडाल भी डाले जा रहे हैं.

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किसानों की फसल को बर्बाद कर रही टिड्डियां किसानों की फसल को बर्बाद कर रही टिड्डियां

गोपी घांघर

  • बनासकांठा,
  • 27 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 1:04 PM IST

  • बनासकांठा जिले में टिड्डी दल का आक्रमण
  • किसानों की खड़ी फसलें हो रहीं हैं बर्बाद

गुजरात के बनासकांठा जिले में पिछेल 1 सप्ताह से पाकिस्तान की ओर से लगातार टिड्डी दल का आक्रमण हो रहा है, जिसकी वजह से किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं. टिड्डियों का दल अब बनासकांठा से बढ़कर आस-पास के जिलों में भी फैल रहा है और किसान इस मुसीबत के सामने बेबस और लाचार नजर आ रहे हैं.

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जैसे-तैसे कर अपनी फसल को बचाने के लिए किसान अलग-अलग नुस्खे अपना रहे हैं, लेकिन टिड्डियों का आतंक इतना है कि उसे रोक पाना नामुमकिन सा हो गया है.

खेतों में खड़ी फसल को बर्बाद होने से बचाने के लिए किसान ध्वनि यंत्र का भी उपयोग कर रहे हैं. हाथ में थाली और लाठी लेकर पीट रहे हैं, तो कुछ गांव में किसान डीजे का इस्तेमाल भी कर रहे हैं. वहीं खेतों में फसल के ऊपर पंडाल भी डाले जा रहे हैं.

टिड्डी दल के आक्रमण से इस सीमावर्ती इलाके के कई गांव में किसानों को भारी नुकसान हुआ है. तकरीबन 30000 हेक्टेयर कृषिभूमि के इससे प्रभावित होने के आसार हैं. किसानों के मुताबिक, टिड्डी दल रात में इलाके में प्रवेश करता है. टिड्डियों का दल 20 किलोमीटर लंबी दूरी तक फैला होता है, जिसकी ताकत तकरीबन 50 करोड़ टिड्डी जितनी मानी जाती है और जहां रुकता है वह एक ही रात में किसानों की फसल और पेड़ तक को रातो-रात चट कर जाता है.

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मदद ठीक से नहीं मिलने के कारण किसान बेहाल

जिला कृषि अधिकारी और सरकार सीमित साधन, मदद ठीक से जुटा नहीं पा रही है, जिससे किसान बेहाल हैं. अब टिड्डी दल के आक्रमण को रोकने के लिए केंद्रीय एवं राज्य प्रशासन काम पर लगा है. जिले में 11 कृषि दल और भारत सरकार की एक टिड्डी नियंत्रण टीम पहुंची है. इस एरिया में वाहनों द्वारा 500 किलोग्राम मेथोलिटिक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है, साथ ही अब टिड्डी से ग्रस्त इलाके में फाल्कन मशीन लाई गई है, जिससे अब दवाई का छिड़काव किया जाएगा. इस मशीन के जरिए 8 मिनट में 1 एकड़ एरिया में दवाई छिड़की जाएगी.

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