शादी-तलाक और संपत्ति की वसीयत के नियम एक जैसे होंगे... गुजरात में आ रहे UCC बिल को 5 points में समझें

गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं. स्पेशल कमिटी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है. राज्य सरकार बजट सत्र में इस बिल को विधानसभा में पेश कर सकती है.

Advertisement
गुजरात सरकार बजट सत्र में UCC बिल पेश कर सकती है. (Photo: प्रतीकात्मक तस्वीर) गुजरात सरकार बजट सत्र में UCC बिल पेश कर सकती है. (Photo: प्रतीकात्मक तस्वीर)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:42 AM IST

गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने के लिए बनाई गई स्पेशल कमिटी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है. इस रिपोर्ट में शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक समान कानूनी ढांचे का सुझाव दिया गया है.

रिपोर्ट में महिलाओं के समान अधिकारों और उनके संरक्षण को तरजीह दी गई है. समिति की अध्यक्ष, रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई ने बताया कि ये कानूनी ढांचा सभी धर्मों के लिए एक जैसा होगा.

Advertisement

रिपोर्ट में महिलाओं के समान अधिकारों और उनके संरक्षण को तरजीह दी गई है. समिति की अध्यक्ष, रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई ने बताया कि ये कानूनी ढांचा सभी धर्मों के लिए एक जैसा होगा. शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मुद्दों पर सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक जैसे कानून को मानना होगा.

बजट सत्र के दौरान पेश हो सकता है बिल

सूत्रों के मुताबिक, गुजरात सरकार चल रही इसी बजट सत्र के दौरान विधानसभा में यूसीसी पर ड्राफ्ट बिल पेश कर सकती है. 25 मार्च को बजट सत्र का आखिरी दिन है और हो सकता है कि सरकार इसी दिन इस बिल को सदन में पेश करें.

  1. शादी और तलाक: भारत में अलग-अलग धर्मों के अपने कानून (जैसे हिंदू मैरिज एक्ट, मुस्लिम पर्सनल लॉ)हैं. UCC लागू होने पर सभी धर्मों के लिए शादी, शादी की उम्र और तलाक एक ही तरह से होंगे.
  2. संपत्ति का बंटवारा: मां-बाप की संपत्ति में बेटे और बेटियों का समान अधिकार होगा, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो.
  3. एडॉप्शन: गोद लेने के नियम सभी के लिए एक जैसे होंगे. फिलहाल मुस्लिम लॉ में गोद लेने का प्रावधान हिंदुओं जैसा नहीं है.
  4. बहुविवाह पर रोक: UCC के तहत एक से ज्यादा शादी करने पर पूरी तरह रोक लग सकती है. जैसे मुस्लिम लॉ में चार शादियों की इजाजत है.
  5. गुजारा भत्ता: तलाक के बाद पत्नी (और कुछ मामलों में पति) को मिलने वाला गुजारा भत्ता किसी धार्मिक ग्रंथ के बजाय UCC के प्रावधानों से तय होगा. 

गुजरात के नेताओं से लिया गया फीडबैक

Advertisement

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने समिति के गठन के समय कहा था कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश भर में यूसीसी लागू करने के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है. इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए समिति ने बड़े स्तर पर काम किया है. समिति के सदस्यों ने गुजरात के सभी जिलों का दौरा किया और राजनीतिक नेताओं और धार्मिक गुरुओं से फीडबैक लिया.

यह भी पढ़ें: Uniform Civil Code Bill: यूसीसी समिति का गठन, पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघन सिंह होंगे अध्यक्ष

समित ने एक विशेष वेबसाइट के जरिए यूसीसी को लेकर जनता की राय भी मांगी थी. इस दौरान समिति को लगभग 19 लाख सुझाव मिले. 

अगस्त 2024 में सरकार ने बताया था कि पैनल ने यूसीसी पर राय समझने के लिए 38 मुस्लिम संगठनों के साथ भी बैठकें की थीं. हालांकि, इस प्रस्ताव का विरोध भी हुआ है. अप्रैल 2025 में अहमदाबाद और वडोदरा में मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन भी किया था.

कानूनी चुनौतियों पर हाईकोर्ट का रुख

पिछले साल दिसंबर में, गुजरात हाईकोर्ट ने यूसीसी समिति के गठन को चुनौती देने वाली एक याचिका को खारिज कर दिया था. सूरत के अब्दुल वहाब सोपारीवाला की दायर इस याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने कहा था कि वो संविधान के आर्टिकल 162 के तहत कार्यपालिका के कामों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती.

Advertisement

अब देखना ये है कि गुजरात सरकार का ये बिल सदन में कब पारित होता है और इसके पारित होने के बाद लोगों की क्या प्रतिक्रिया होती है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement