राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के स्कॉलर शरजील इमाम को लेकर नई जानकारी सामने आई है. एफआईआर दर्ज होने के बाद कई घंटे फरार रहे शरजील इमाम ने पुलिस से बचने के लिए बिहार में अपने घर के पास ही एक इमामबाड़े (धार्मिक स्थल) में छिपने की कोशिश की थी.
जबकि कई राज्यों की पुलिस उसे देश के अलग-अलग हिस्सों में तलाश रही थी. अंतत: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एक टीम ने शरजील को उसके घर के पास वाले इमामबाड़े से दबोच लिया था.
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एसआईटी से जुड़े एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि शरजील के पीछे तो पुलिस से बचने के लिए चूंकि शरजील इमाम हर रास्ता अपना रहा था, इसीलिए वह किसी के हाथ नहीं लग रहा था. यह जानकारी रविवार को सामने आई है.
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विदेश भाग सकता था शरजील इमाम
अधिकारी ने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस अपराध शाखा ने भी अगर शरजील के भाई को पहले न दबोच लिया होता, तो हो सकता था कि . शरजील के भाई ने ही पुलिस को सुराग दिया कि शरजील इमाम कहीं भागा नहीं है, बल्कि वह घर के पास ही मौजूद (जहानाबाद, बिहार) इमामबाड़े में छिपा हुआ है. भाई चूंकि खुद दिल्ली पुलिस के शिकंजे में था, लिहाजा वह झूठ बोलने की हालत में नहीं था.
अधिकारी ने बताया कि बिहार पुलिस और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त रूप से जैसे ही इमामबाड़े पर छापा मारा, कंबल ओढ़े हुए एक कोने में दुबके पड़े शरजील को पुलिस टीमों ने दबोच लिया. पुलिस को इमामबाड़े में सामने खड़ा देखते ही शरजील का हलक ही सूख गया. चारों ओर से पुलिस से खुद को घिरा हुआ पाकर शरजील किसी बालक की मानिंद गर्दन झुकाए हुए पुलिस पार्टी के साथ कदम-ताल करता हुआ चल दिया.
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क्या था शरजील का विवादित भाषण?
गौरतलब है कि दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्कॉलर शरजील इमाम ने जनवरी 2020 के मध्य में भारत के टुकड़े-टुकड़े करवाने जैसा बवाली भाषण दिया था. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एसआईटी बिहार से उसे गिरफ्तार करके दिल्ली ले आई. फिलहाल आरोपी पांच दिनों की पुलिस हिरासत में है.
शरजील के ठिकाने से लैपटॉप बरामद
दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की एसआईटी में शामिल एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि शरजील के दिल्ली वाले ठिकाने से लैपटॉप मिल गया है. उसके वसंतकुंज वाले किराए के कमरे से छापे के दौरान कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी मिली है. जानने की कोशिश की जा रही है कि शरजील विवादित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई के कितने करीब था?
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