क्या राघव चड्ढा बनाएंगे नई Gen-Z पार्टी, AAP से तनातनी के बीच इंस्टाग्राम रील से अटकलें तेज

AAP सांसद राघव चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेद की खबरों के बीच एक इंस्टाग्राम रील ने नई बहस छेड़ दी है. रील में उन्हें Gen-Z पार्टी बनाने का सुझाव दिया गया, जिस पर उन्होंने इसे दिलचस्प बताया. इससे उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.

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राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर वो मुद्दे गिनाए हैं जो पंजाब से जुड़े थे और उन्होंने संसद में उठाए थे (Photo-ITG) राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर वो मुद्दे गिनाए हैं जो पंजाब से जुड़े थे और उन्होंने संसद में उठाए थे (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 09 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:13 PM IST

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा इन दिनों सुर्खियों में हैं. पार्टी नेतृत्व के साथ उनके रिश्तों में खटास की खबरों के बीच अब एक नया सवाल खड़ा हो गया है कि क्या वह अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बना सकते हैं. यह अटकलें तब और तेज हो गईं जब उन्होंने एक इंस्टाग्राम रील साझा की, जिसमें उन्हें एक नई Gen-Z पार्टी बनाने का सुझाव दिया गया था.

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बुधवार को राघव चड्ढा ने Seedhathok नाम के एक कंटेंट क्रिएटर की रील शेयर की. इस रील में क्रिएटर रिहान ने कहा कि देश के युवा और आम लोग चाहते हैं कि राघव चड्ढा अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बनाएं. उन्होंने सुझाव दिया कि इस पार्टी का नाम Gen-Z पार्टी हो सकता है या फिर कोई भी ऐसा नाम जो युवा वर्ग को आकर्षित करे.

रील में यह भी कहा गया कि अगर राघव चड्ढा किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं, तो उन्हें वह समर्थन नहीं मिल सकता जो अभी उन्हें मिल रहा है. वहीं अगर वह अपनी पार्टी बनाते हैं, तो देश का युवा उनके साथ खड़ा हो सकता है और उन्हें बड़ी सफलता मिल सकती है. इस पर राघव चड्ढा ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे इंटरेस्टिंग थॉट यानी दिलचस्प विचार बताया. 

इंस्टाग्राम रील से उठी नई पार्टी बनाने की चर्चा

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Seedhathok नाम के इस इंस्टाग्राम हैंडल के 11 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. इस रील को अब तक हजारों लाइक्स और सैकड़ों कमेंट मिल चुके हैं. इससे यह साफ है कि सोशल मीडिया पर इस विचार को लेकर काफी चर्चा हो रही है. यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब आम आदमी पार्टी और राघव चड्ढा के बीच मतभेद की खबरें लगातार आ रही हैं. हाल ही में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया था. उनकी जगह सांसद अशोक कुमार मित्तल को नियुक्त किया गया. इस फैसले के बाद पार्टी और राघव चड्ढा के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया.

राघव चड्ढा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें हराया नहीं गया है बल्कि चुप कराने की कोशिश की गई है. दूसरी ओर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन पर सवाल उठाए. संजय सिंह आतिशी और सौरभ  सौरभ भारद्वाज जैसे नेताओं ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दों को मजबूती से नहीं उठा रहे हैं और सिर्फ अपनी छवि बनाने में लगे हैं.

पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने से बचते हैं. इस पर सवाल उठाते हुए अतिशी ने पूछा कि वह बीजेपी और प्रधानमंत्री से सवाल पूछने से क्यों डरते हैं. आलोचकों ने यह भी याद दिलाया कि जब पार्टी कठिन दौर से गुजर रही थी और पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया था, तब राघव चड्ढा आंखों के इलाज के लिए ब्रिटेन में थे.

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Gen-Z पार्टी के सुझाव पर राघव चड्ढा ने कहा ‘दिलचस्प विचार’

इसके अलावा वह जंतर मंतर पर आयोजित जनसभा में भी नजर नहीं आए, जहां केजरीवाल जेल से रिहा होने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से लोगों को संबोधित कर रहे थे. इन आरोपों के बीच राघव चड्ढा ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक ट्रेलर है और पूरी तस्वीर अभी बाकी है. उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब उनके लिए सिर्फ एक मुद्दा नहीं है बल्कि उनका घर और जिम्मेदारी है.

राघव चड्ढा ने यह भी बताया कि उन्होंने संसद में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं. इनमें ननकाना साहिब कॉरिडोर, किसानों के लिए कानूनी गारंटी, पंजाब में भूजल संकट और भगत सिंह को भारत रत्न देने की मांग शामिल है. युवा वर्ग के बीच राघव चड्ढा की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है. खासकर छात्र ऋण माफी जैसे मुद्दों को उठाने के कारण उन्हें युवाओं का समर्थन मिला है. इसी वजह से उन्हें Gen Z का पसंदीदा सांसद भी कहा जाता है.

उनके कई भाषण सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे हैं, जिनमें उन्होंने गिग वर्कर्स की समस्याएं, वित्तीय सुधार, मेंस्ट्रुअल हेल्थ और टेलीकॉम कंपनियों के रिचार्ज से जुड़े मुद्दों को उठाया है. हाल ही में बजट सत्र के दौरान उन्होंने पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार बनाने की भी मांग की थी.

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युवाओं में बढ़ती लोकप्रियता, सोशल मीडिया पर वायरल भाष

इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. एक तरफ पार्टी के भीतर मतभेद की खबरें हैं, तो दूसरी ओर सोशल मीडिया पर नई पार्टी बनाने की चर्चा हो रही है. हालांकि अभी तक राघव चड्ढा की ओर से किसी नई पार्टी बनाने को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उनकी एक प्रतिक्रिया ने इस बहस को और तेज कर दिया है.

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में राघव चड्ढा कौन सा रास्ता चुनते हैं. क्या वह आम आदमी पार्टी के साथ बने रहेंगे या फिर कोई नया राजनीतिक प्रयोग करेंगे, इस पर सभी की नजर बनी हुई है. फिलहाल इतना तय है कि उनकी हर गतिविधि पर न सिर्फ पार्टी बल्कि देशभर के युवा भी नजर रख रहे हैं.

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