निर्भया की मां बोली- हैदराबाद की घटना बर्बरतापूर्ण, पीड़िता को जल्द मिले न्याय

निर्भया की मां आशा देवी ने हैदराबाद में लेडी डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर की घटना पर निराशा जताते हुए कहा कि यह बहुत बर्बरतापूर्ण था. हमने न्याय के लिए 7 साल संघर्ष किया, लेकिन उसे जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए.

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निर्भया की मां ने कहा हैदराबाद पीड़िता को मिले न्याय (फोटो-ANI) निर्भया की मां ने कहा हैदराबाद पीड़िता को मिले न्याय (फोटो-ANI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 1:52 PM IST

  • निर्भया की मां ने कहा- 7 साल से कर रही हूं इंतजार
  • निर्भया के दोषियों को जल्द से जल्द मिले सजा

हैदराबाद में वेटनरी डॉक्टर के साथ हैवानियत की घटना पर देश भर में गुस्सा है, आज सोमवार को इसे लेकर संसद में भी गूंज सुनाई दी. इस वीभत्स घटना की सांसदों ने भी कड़ी निंदा की. निर्भया की तरह हुए इस बर्बर कृत्य पर 2012 के दिल्ली रेप और मर्डर केस की पीड़िता की मां आशा देवी ने कहा कि हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक के साथ रेप और मर्डर की घटना बर्बरतापूर्ण थी. हमने न्याय के लिए 7 साल संघर्ष किया लेकिन उसे जल्द न्याय मिलना चाहिए.

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निर्भया की मां आशा देवी ने हैदराबाद में लेटी डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर की घटना पर निराशा जताते हुए कहा कि यह बहुत बर्बरतापूर्वक था. हमने न्याय के लिए 7 साल संघर्ष किया, लेकिन उसे जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए. प्रशासन को चाहिए कि ऐसी घटना बार-बार क्यों हो जाती है.

सरकार का फैसला स्वागतयोग्य

आशा देवी ने कहा, 'मैं निर्भया मामले में दोषियों में से एक दोषी की दया याचिका खारिज किए जाने के दिल्ली सरकार के सुझाव का स्वागत करती हूं. मुझे उम्मीद है कि दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा मिलेगी.'

इससे पहले निर्भया केस में दिया है. दिल्ली सरकार ने फाइल को एलजी अनिल बैजल के पास भेज दिया. एलजी अनिल बैजल अब इसे राष्ट्रपति के पास भेजेंगे. आखिरी फैसला अब राष्ट्रपति को लेना है.

2012 के निर्भया केस के दोषियों को फांसी की सजा मुकर्रर हुई है. दया याचिका के लिए आरोपी विनय शर्मा की फाइल दिल्ली सरकार के पास आई थी, जिस पर सख्त टिप्पणी लिखते हुए दिल्ली सरकार ने दया याचिका को खारिज करने का सुझाव दिया है. दिल्ली सरकार के गृह विभाग के मंत्री सत्येंद्र जैन ने दया याचिका खारिज करने का सुझाव देते हुए नोट लिखा है, 'ये एक बेहद जघन्य अपराध है लिहाजा इसे खारिज करने की सिफारिश करते हैं.'

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कहां है निर्भया केस के आरोपी

दिसंबर 2012 में हुए में कुल 6 आरोपी थे, जिसमें से एक नाबालिग भी था और उसकी आयु 18 साल होने पर उसको छोड़ दिया गया था. वहीं, राम सिंह नाम के अपराधी ने तिहाड़ जेल में खुद को फांसी लगा ली थी.

इसके अलावा चार अपराधी फांसी की सजा पाने के बाद हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील कर चुके हैं, लेकिन उनकी अपील खारिज हो चुकी है. चारों अपराधियों में से एक विनय शर्मा ने 4 नवंबर को राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर की थी जो केंद्रीय गृह मंत्रालय के जरिए दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के पास आई. दिल्ली सरकार ने याचिका खारिज करने की सिफारिश कर दी है.

दूसरी ओर, राज्यसभा में ने कहा कि ऐसे मामलों पर पता नहीं मैं कितनी बार बोल चुकी हूं, सरकार को अब कार्रवाई करनी चाहिए. एक दिन पहले ही हैदाराबाद में उसी जगह हादसा हुआ था. कुछ देशों में जनता दोषियों को सजा देती है. दोषियों को अब जनता ही सबक सिखाए. दोषियों की सार्वजनिक लिंचिंग होनी चाहिए.

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