'दिल्ली में 15 प्रतिशत कम हुआ प्रदूषण', वर्ल्ड एयर क्वालिटी की रिपोर्ट के बाद केजरीवाल के मंत्री का दावा

गोपाल राय ने कहा कि प्रदूषण के मुद्दे पर पड़ोसी राज्यों के साथ बातचीत केंद्र सरकार की पहल पर निर्भर है. केंद्र सरकार का रवैया जो सामने आया है, वह संतोषप्रद नहीं है. प्रदूषण को कम करने की बात तो अलग है, हम पिछले एक साल से बात कर रहे हैं कि दिल्ली-एनसीआर के अंदर जितने भी थर्मल पावर प्लांट हैं, जो प्रदूषण पैदा कर रहे हैं, उनको बंद किया जाए, लेकिन केंद्र सरकार सुनने को तैयार नहीं है.

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(प्रतीकात्मक तस्वीर- रॉयटर्स) (प्रतीकात्मक तस्वीर- रॉयटर्स)

पंकज जैन

  • नई दिल्ली ,
  • 17 मार्च 2021,
  • अपडेटेड 7:17 PM IST
  • दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय का बयान
  • 'दिल्ली में 15 प्रतिशत कम हुआ प्रदूषण'

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने वर्ल्ड एयर क्वालिटी की रिपोर्ट (World Air Quality Report) सामने आने के बाद दावा किया है कि केजरीवाल सरकार की वजह से दिल्ली में 15 प्रतिशत कम प्रदूषण हुआ है. गोपाल राय ने कहा कि पहले दिल्ली दूसरे या तीसरे स्थान पर होती थी. वर्ल्ड एयर क्वालिटी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में टॉप-10 की सूची में शामिल 9 शहरों में से अधिकतर उत्तर प्रदेश के शहर हैं. जबकि आज दिल्ली की स्थिति उससे काफी बेहतर हुई है. 

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राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर प्रदूषण कम होने के पीछे कारण हैं, क्योंकि दिल्ली के अंदर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार काम कर रही है. दिल्ली अंदर ग्रीन बेल्ट बढ़ाने के लिए हम लोग लगातार जोर दे रहे हैं. दिल्ली के अंदर प्रदूषित ईंधन पर जो भी उद्योग चल रहे हैं, हमने ऐसे उद्योगों को शून्य कर दिया है. 

उन सभी उद्योगों का ईंधन बदल दिया गया है. हम लोग दिल्ली के अंदर ट्री ट्रांसप्लांटेशन पॉलिसी लेकर आए, दिल्ली के अंदर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पॉलिसी लेकर आए, दिल्ली के अंदर धूल के प्रदूषण को कम करने के लिए एंटी स्मॉग गन लगाने की पॉलिसी लाए. 

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर प्रदूषण कम करने के लिए हमने वॉर रूम बनाया है. यह वॉर रूम 24 घंटे काम कर रहा है. इसके साथ ही हमने ग्रीन एप लांच किया है, जिससे प्रतिदिन प्रदूषण पर निगरानी की जा रही है. वाहनों से होने वाले प्रदूषण के साथ-साथ हम धूल के प्रदूषण को कम करने पर भी काम कर रहे हैं. हम लोगों ने पिछले दिनों वाहनों के प्रदूषण को कम करने के लिए ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ अभियान चलाया. 

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दिल्ली के अंदर बाहर से जो पराली का प्रदूषण आता है, उसको भी रोकने के लिए बॉयो डी-कंपोजर पर काम कर रहे हैं. दिल्ली देश का पहला राज्य है, जिसने अपने थर्मल पावर प्लांट्स को बंद कर दिया, ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके. दिल्ली सरकार की यह कोशिश है कि अभी 15 प्रतिशत प्रदूषण कम हुआ है. आगामी दिनों हम दिल्ली की जनता के साथ मिल कर प्रदूषण को कम करने के लिए युद्ध स्तर पर चौतरफा काम करेंगे. हमारा लक्ष्य है कि दिल्ली को पर्यावरण के और अनुकूल बनाया जाए.

गोपाल राय ने कहा कि प्रदूषण के मुद्दे पर पड़ोसी राज्यों के साथ बातचीत केंद्र सरकार की पहल पर निर्भर है. केंद्र सरकार का रवैया जो सामने आया है, वह संतोषप्रद नहीं है. प्रदूषण को कम करने की बात तो अलग है, हम पिछले एक साल से बात कर रहे हैं कि दिल्ली-एनसीआर के अंदर जितने भी थर्मल पावर प्लांट हैं, जो प्रदूषण पैदा कर रहे हैं, उनको बंद किया जाए, लेकिन केंद्र सरकार सुनने को तैयार नहीं है.

केंद्र सरकार ईंट भट्ठों से पैदा होने वाले प्रदूषण को रोकने को तैयार नहीं है, धूल प्रदूषण को लेकर कोई माप तोल नहीं है और उसी का परिणाम दिख रहा है. उन्होंने कहा, प्रदूषण पैदा करने वालों पर कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार ने एयर क्वालिटी कमीशन नाम से एक अथॉरिटी बनाई थी. सबसे बड़ी बात यह है कि अब यह अथॉरिटी ही खत्म हो गई है. केंद्र सरकार जब तक प्रदूषण के मसले पर गंभीर नहीं होगी, तब तक इन चीजों को करना संभव नहीं है. 

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गोपाल राय ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि उत्तर भारत में प्रदूषण का जो मसला है, वह एयर सेट का मसला है. हम दिल्ली में जितनी मेहनत कर रहे हैं, हमारी उस मेहनत पर भी पानी फिर जा रहा है, क्योंकि जब हवा चलती है और उसकी वजह से प्रदूषण की चादर दिल्ली के अंदर आ जाती है और दिल्ली के लोगों को भी उसे झेलना पड़ता है.

इसलिए केंद्र सरकार से हम बार-बार अनुरोध करते हैं कि एक संयुक्त प्रयास की जरूरत है. जो अथॉरिटी बनाई गई थी और अब बंद हो गई है, उसको तुरंत एक्टिव किया जाना चाहिए. हमने पराली के मसले पर एयर क्वालिटी कमीशन में एक पीटिशन दायर की थी, अब जब वह कमीशन ही खत्म हो गया है, तो हमारे उस पीटिशन पर कौन विचार करेगा? मुझे लगता है कि अगर अभी से हम मिल कर पहल करें, तो अगले साल में बेहतर किया जा सकता है. 

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