AAP से टूटकर बनी पार्टी के पार्षद BJP में शामिल, MCD में बड़ा फेरबदल

दिल्ली MCD में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है. AAP से अलग बनी IVP का BJP में विलय हो गया है. 16 पार्षदों के शामिल होने से BJP की संख्या 139 पहुंच गई, जबकि AAP 123 पार्षदों पर सिमट गई.

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दिल्ली बीजेपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हर्ष मल्होत्रा ने IVP के संस्थापक मुकेश गोयल को मिठाई खिलाई. इस मौके पर CM रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं.(Photo:PTI) दिल्ली बीजेपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हर्ष मल्होत्रा ने IVP के संस्थापक मुकेश गोयल को मिठाई खिलाई. इस मौके पर CM रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं.(Photo:PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:13 PM IST

दिल्ली नगर निगम (MCD) की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला. आम आदमी पार्टी (AAP) से अलग हुई इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) का भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय हो गया. इसके साथ ही IVP के सभी 16 पार्षद भाजपा में शामिल हो गए. इस घटनाक्रम के बाद MCD में भाजपा की ताकत और बढ़ गई है. पार्टी मुख्यालय में सीएम रेखा गुप्ता और बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की मौजूदगी में सभी पार्षदों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की.

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250 सदस्यीय दिल्ली नगर निगम में अब भाजपा के पार्षदों की संख्या बढ़कर 139 हो गई है. वहीं आम आदमी पार्टी के पार्षदों की संख्या 123 रह गई है. साल 2022 के निगम चुनाव में भाजपा ने 104 सीटें जीती थीं. इसके बाद समय-समय पर दूसरे दलों के पार्षद पार्टी में शामिल होते गए, जिससे भाजपा की संख्या लगातार बढ़ती गई.

न्यूज एजेंसी की पीटीआई के मुताबिक, पार्टी में शामिल हुए इन नए पार्षदों का स्वागत करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ी बात कही. उन्होंने साफ किया कि इन सभी लोगों ने दिल्ली के विकास को ध्यान में रखकर यह बड़ा फैसला लिया है. नए पार्षदों के आने से उनके अपने इलाकों में विकास कार्यों को तेजी मिलेगी. शहर का सुधार ही हमेशा से पहली प्राथमिकता रहा है. इस विलय से निगम के भीतर पार्टी को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रुके हुए काम तेजी से पूरे हो सकेंगे.

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कैसे बनी थी IVP?

इस पूरे बदलाव की कहानी को समझाते हुए हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले मुकेश गोयल और हेमचंद गोयल की अगुवाई में इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी का गठन हुआ था. आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में विकास कार्यों की कमी को देखने के बाद इन पार्षदों ने अलग रास्ता चुना था. अब सभी 16 पार्षदों ने औपचारिक तौर पर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है.

मुकेश गोयल ने बताया कि इस हफ्ते सभी पार्षदों के बीच काफी लंबी चर्चा हुई थी. इसके बाद ही सामूहिक रूप से सत्ताधारी दल में शामिल होने का फैसला किया गया. पिछले डेढ़ साल से वे भाजपा के काम करने के तरीके को देख रहे थे. उन्हें पूरा भरोसा है कि इस फैसले से उनके वॉर्डों में जनता के रुके हुए काम तेजी से पूरे होंगे.

पद को लेकर नहीं हुई कोई डील

निगम के भीतर किसी बड़े पद या राजनीतिक लाभ के सवाल पर मुकेश गोयल ने साफ किया कि पार्टी के साथ ऐसा कोई गुप्त समझौता नहीं हुआ है. उन्हें निगम में जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, वे उसे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे.

गौरतलब है कि मई 2025 में आम आदमी पार्टी के नेतृत्व से मतभेदों के बाद इन 16 पार्षदों ने अलग होकर नई पार्टी बनाई थी. यह पूरा सियासी घटनाक्रम अगले साल होने वाले निगम चुनावों से ठीक पहले सामने आया है. शुक्रवार को निगम की 12 वॉर्ड कमेटियों के चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन पद के चुनाव के लिए नामांकन का आखिरी दिन भी था. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नेता मुकेश गोयल को निगम की किसी विशेष कमेटी का अध्यक्ष बनाया जा सकता है, जबकि हेमचंद गोयल को सेंट्रल जोन से स्टैंडिंग कमेटी का सदस्य मनोनीत किया जा सकता है. हालांकि अभी तक इन पदों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
 

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