जानिए दिल्ली में बिजली कंपनियों के ऑडिट से जनता को क्या फायदा होगा?

दिल्ली में बिजली वितरण कंपनियों को मिली सब्सिडी का विशेष ‘ऑडिट’ होगा. जिससे यह पता चलेगा कि दिल्ली सरकार जो दिल्ली वालों को सब्सिडी देती है और वह सब्सिडी का पैसा जो बिजली कंपनियों के खातों में जाता है क्या उसमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी तो नहीं है?

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फाइल फोटो फाइल फोटो

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 21 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 5:27 AM IST

दिल्ली वालों के लिए लंबे वक्त से सस्ती बिजली को लेकर लड़ाई लड़ रहे पावर एक्सपर्ट बिजली कंपनियों की होने वाली ऑडिट से काफी खुश हैं. दिल्ली सरकार ने साल 2016 से 2022 तक हुए बिजली सब्सिडी वितरण के संबंध में वितरण कंपनियों का विशेष लेखा परीक्षण करने का निर्देश कर दिया है. राजधानी में बिजली वितरण कंपनियों को मिली सब्सिडी का विशेष ‘ऑडिट’ होगा. जिससे यह पता चलेगा कि दिल्ली सरकार जो दिल्ली वालों को सब्सिडी देती है और वह सब्सिडी का पैसा जो बिजली कंपनियों के खातों में जाता है क्या उसमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी तो नहीं है?

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कितने उपभोक्ताओं को मिलता है फायदा?

दरअसल, दिल्ली सरकार अक्सर यह दावा करती है कि दिल्ली में लगभग 25 लाख उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली का फायदा मिलता है, लेकिन ना तो सरकार के पास और ना ही बिजली कंपनियों के पास कोई स्पेसिफिक डाटा है. जिससे ये पता चल सके कि सब्सिडी लेने वाले आखिरकार कितने उपभोक्ता हैं और किसे ये सब्सिडी मिल रही है. 

पावर एक्सपर्ट का क्या कहना है?

पावर एक्सपर्ट सौरभ गांधी के मुताबिक पिछले लंबे वक्त से बिजली कंपनियों के मुख्य खातों की सीएजी से ऑडिट कराने की मांग की जा रही है. यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है, लेकिन अब उपराज्यपाल ने जो ऑडिट की सिफारिश की है, उससे दिल्ली वालों को फायदा मिलेगा. अब असल डाटा मिल पाएगा कि आखिरकार दिल्ली में सब्सिडी लेने वाले कितने उपभोक्ता हैं.

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पावर एक्सपर्ट अनिल सूद के मुताबिक सिर्फ बिजली कंपनियों की ऑडिट नहीं होनी चाहिए, बल्कि डीआरसी की भी ऑडिट होनी चाहिए. क्योंकि डीआरसी भी पावर कंपनीज के इशारों पर काम कर रही है. जिससे दिल्ली वालों को नुकसान होता है.

क्या है दिल्ली बिजली सब्सिडी योजना? 

दरसल, दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार हर महीने 200 यूनिट निशुल्क और 201 से चार सौ यूनिट बिजली पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी देती है. सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा 1984 के दंगा पीड़ित परिवारों, वकीलों और किसानों को भी बिजली सब्सिडी मिलती है. यह सब्सिडी दिल्ली सरकार किसी को भी दे सकती है और इस सब्सिडी का जो घाटा सरकार को लगता है, वह कंपनियों के पास जाता है. 2016 से लेकर 2022 तक बिजली कंपनियों को करीब 20 करोड़ रुपए सब्सिडी के रूप में दिए जाने हैं. बीजेपी का आरोप है कि लगभग 11,000 करोड़ रुपए दिल्ली सरकार बिजली कंपनियों को दे  चुकी है. दिल्ली विधान सभा में प्रतिपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी का दावा है कि सरकार के पास डाटा नहीं है कि कितने उपभोक्ताओं को सब्सिडी दी जा रही है और बिजली कंपनियों के कहने पर करोड़ों रुपया सब्सिडी के नाम पर उनको लूटा रही है, जिसमें करोड़ों रुपए का घोटाला हो रहा है.

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