एक चाबी, बंद रूम और विदेशी महिला की छलांग... मौत के बाद खुला दिल्ली की ड्रग्स फैक्ट्री का राज

दिल्ली के स्वरूप नगर में पुलिस की एक रेड ने ऐसा राज खोला, जिसने जांच अधिकारियों को भी चौंका दिया. एक बहुमंजिला इमारत की चौथी मंजिल के एक फ्लैट में पुलिस की एंट्री हुई. कुछ ही सेकंड बाद एक विदेशी महिला ने खिड़की से छलांग लगा दी. यहां जांच हुई तो कमरे के भीतर मेथामफेटामाइन और एमडीएमए जैसी ड्रग्स बनाने का पूरा सेटअप मौजूद था.

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बंद कमरे में केमिकल्स और ड्रग्स बरामद. (Photo: Screengrab) बंद कमरे में केमिकल्स और ड्रग्स बरामद. (Photo: Screengrab)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 12 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:13 PM IST

दिल्ली के स्वरूप नगर में पुलिस की एक रेड ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए. एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड जब एक इमारत की चौथी मंजिल पर पहुंची तो वहां मौजूद एक विदेशी महिला ने कथित तौर पर घबराकर छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई. उसी मंजिल पर एक बंद कमरे का ताला खुला तो ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ हो गया. यहां केमिकल्स और भारी मात्रा में उपकरण मिले हैं.

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दिल्ली पुलिस अचानक इस इमारत तक नहीं पहुंची थी. इसके पीछे कई दिनों की जांच थी. बुराड़ी थाने में दर्ज एक मामले की पड़ताल के दौरान पुलिस के हाथ कुछ सुराग लगे. जांच आगे बढ़ी तो फ्रैंक डैशमंड नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ हुई. कड़ियां जुड़ती गईं. और आखिरकार जांच की दिशा स्वरूप नगर की एक बहुमंजिला इमारत तक पहुंच गई. पुलिस को शक था कि यहां सिर्फ ड्रग्स की सप्लाई नहीं, उससे कहीं बड़ा खेल चल रहा है.

एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड की टीम सबसे पहले इमारत की तीसरी मंजिल पर पहुंची. यहां से रोमियो उर्फ स्काई नाम के आरोपी को पकड़ा गया. तलाशी में उसके पास से एमडीएमए और हेरोइन बरामद होने का दावा किया गया. अब पुलिस का शक यकीन में बदलने लगा था. पुलिस टीम सीढ़ियां चढ़ते हुए चौथी मंजिल तक पहुंची. यहां दो फ्लैट थे. दोनों में अफ्रीकी मूल के नागरिक रह रहे थे. पुलिस एक फ्लैट में दाखिल हुई. अंदर स्टेला पीयूस नाम की विदेशी महिला मौजूद थी.

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अधिकारियों के मुताबिक, जैसे ही महिला ने पुलिस टीम को देखा, वह घबरा गई. इसके बाद जो हुआ, उसने सभी को हैरान कर दिया. महिला ने अचानक चौथी मंजिल से छलांग लगा दी. नीचे मौजूद लोगों को कुछ समझ आता, उससे पहले वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी. पुलिसकर्मी उसे लेकर अस्पताल भागे. लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

क्या छिपाना चाहती थी महिला?

महिला ने छलांग क्यों लगाई? क्या वह गिरफ्तारी से बचना चाहती थी? क्या उसे किसी बड़े खुलासे का डर था? या वजह कुछ और थी? इन सवालों के जवाब अभी जांच के दायरे में हैं. लेकिन महिला की मौत के बाद पुलिस की नजर अब उस फ्लैट और उसमें मौजूद हर चीज पर थी. उसी मंजिल पर रहने वाले मार्टिन आरोन नाम के एक अन्य विदेशी नागरिक की तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान पुलिस को एक चाबी मिली. जांच में यही चाबी सबसे अहम साबित हुई. यह चाबी स्टेला के फ्लैट में मौजूद एक बंद कमरे की थी. जब पुलिस ने कमरे का ताला खोला, तो कथित तौर पर पूरा मंजर बदल गया.

कमरे के अंदर क्या मिला?

पुलिस के मुताबिक, कमरे के भीतर बड़ी मात्रा में केमिकल्स रखे हुए थे. बीकर, पाइप, इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीनें, बोरियां और कई अन्य उपकरण भी मिले. जांच अधिकारियों का दावा है कि यहां मेथामफेटामाइन और एमडीएमए टैबलेट बनाने का काम किया जा रहा था. यानी बाहर से दिखने वाला एक साधारण फ्लैट, अंदर से कथित तौर पर ड्रग्स तैयार करने का अड्डा निकला. पुलिस ने मौके से कच्चा माल और तैयार ड्रग्स भी बरामद करने की बात कही है.

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डीसीपी नॉर्थ राजा बांठिया ने कहा कि फ्लैट के दूसरे कमरे से पुलिस को मेथामफेटामाइन मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री मिली. यहां पर MDMA की टैबलेट बनाई जाती थी. रॉ मटीरियल और बनी हुई टैबलेट भी रखी थी. रोमियो उर्फ स्काई नाम के आरोपी की तलाशी के दौरान लगभग 30 ग्राम एमडीएमए और 1.5 ग्राम हेरोइन बरामद हुई. ​कमरे से भारी मात्रा में केमिकल्स, बीकर, पाइप, बोरियां और इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीनें बरामद हुईं. ​शुरुआती जांच के अनुसार, इस कमरे का इस्तेमाल मेथामफेटामाइन बनाने और उसका कच्चा माल छिपाकर रखने के लिए एक अवैध फैक्ट्री के रूप में किया जा रहा था.

 

रिहायशी इलाके में चल रहा था पूरा सेटअप

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह पूरा सेटअप एक रिहायशी इलाके में चल रहा था. आसपास रहने वाले लोगों को शायद अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि उनके पड़ोस में क्या गतिविधियां चल रही हैं. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था, इसमें कितने लोग शामिल थे और तैयार ड्रग्स कहां सप्लाई की जाती थी.

इस पूरे मामले में फिलहाल कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं. क्या यह सिर्फ एक फ्लैट तक सीमित नेटवर्क था या इसके तार दूसरे राज्यों और देशों तक जुड़े हुए हैं? स्टेला पीयूस की इस नेटवर्क में क्या भूमिका थी? मार्टिन आरोन और गिरफ्तार आरोपियों का आपसी कनेक्शन क्या है? तैयार ड्रग्स किन इलाकों में भेजी जाती थी? इन सभी सवालों की जांच जारी है.

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