दिल्ली हिंसाः मुस्तफाबाद में था अकेला हिंदू परिवार, मुस्लिमों ने हिफाजत कर पेश की मिसाल

राम सेवक शर्मा ने बताया कि नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हिंसा के समय मुस्लिम पड़ोसी हमारे पास आए थे और आश्वासन दिया था कि आपको तनिक भी चिंता करने की जरूरत नहीं हैं. आप चैन की नींद सोइए. हम आपकी और आपके घर की पूरी हिफाजत करेंगे.

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राम सेवक शर्मा (Courtesy- ANI) राम सेवक शर्मा (Courtesy- ANI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 फरवरी 2020,
  • अपडेटेड 11:35 PM IST

  • मुस्लिम बस्ती में अकेला ब्राह्मण है राम सेवक का परिवार
  • 35 साल से मुस्लिम बस्ती में रह रहे हैं राम सेवक

जब नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली हिंसा की आग में जल रही थी और लोग डर कर अपने-अपने इलाकों को छोड़कर भाग रहे थे, तब न्यू मुस्तफाबाद में मुसलमानों ने मिसाल पेश की. हिंसा के दौरान मुस्तफाबाद में रहने वाले राम सेवक शर्मा अपने घर में बिना किसी डर के जमे रहे. उन्होंने मुस्लिम बहुल इलाके में रहने के बावजूद खुद को असुरक्षित महसूस नहीं किया. लिहाजा उनके दिमाग में मुस्लिम बहुल न्यू मुस्तफाबाद स्थित अपने घर को छोड़ने का ख्याल तक नहीं आया.

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राम सेवक शर्मा का परिवार अपनी बस्ती में अकेला ब्राह्मण परिवार है. नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हिंसा के दौरान लोग एक-दूसरे के खून के प्यासे थे, तब भी राम सेवक शर्मा मुस्लिमों के बीच खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे थे. इस दौरान मुस्लिम पड़ोसियों ने भी राम सेवक शर्मा और उनके परिवार की पूरी हिफाजत की.

राम सेवक शर्मा का कहना है कि हमारा परिवार पिछले 35 साल से मुस्लिमों के साथ मिलजुल कर रह रहा है और हम एक-दूसरे का दुख-सुख बांटते हैं. नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हिंसा के दौरान भी हमने अपने पड़ोस का माहौल बिगड़ने नहीं दिया. हमारे पड़ोस का माहौल आज भी अच्छा है.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक राम सेवक शर्मा का घर न्यू मुस्तफाबाद के नेहरू विहार में गली नंबर 15 में स्थित है. उनका कहना है कि हम हिंदू-मुस्लिम भाईचारे में यकीन करते हैं. हम पिछले 35 साल से यहां रह रहे हैं, लेकिन आज तक कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई. हम अपने पड़ोस में कभी खुद को अकेला महसूस नहीं करते हैं.

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राम सेवक शर्मा ने बताया कि नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हिंसा के समय मुस्लिम पड़ोसी हमारे पास आए थे और आश्वासन दिया था कि आपको तनिक भी चिंता करने की जरूरत नहीं हैं. आप चैन की नींद सोइए. हम आपकी और आपके घर की पूरी हिफाजत करेंगे.

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आपको बता दें कि 24 और 25 फरवरी को नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हिंसा भड़की थी. हिंसक भीड़ ने लोगों के घरों और दुकानों में आग लगा दी थी. इस दौरान गोलीबारी, पथराव और आगजनी की गई थी, जिसमें दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल और आईबी कर्मी अंकित शर्मा समेत 41 लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा काफी संख्या में लोग घायल हो गए थे.

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दिल्ली हिंसा मामले में पुलिस ने 123 FIR दर्ज की है, जबकि 630 लोगों को हिरासत में लिया है. दिल्ली पुलिस ने हिंसा की जांच के लिए एसआईटी की दो टीमों का गठन भी किया है.

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