दिल्ली सरकार शहर के रास्तों पर भीड़ कम करने और उत्तर और दक्षिण दिल्ली के बीच आवाजाही बेहतर बनाने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत राजधानी को यमुना पर दो और पुल मिलने वाले हैं.
पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) के मंत्री परवेश साहिब सिंह ने गुरुवार को कहा कि सरकार ने हाल ही में हुई एक बैठक में एलिवेटेड रिंग रोड के पहले पैकेज को मंज़ूरी दे दी है.
अभी यमुना पर लगभग 25 सड़क और रेल पुल हैं जो राजधानी को पूर्वी दिल्ली और नोएडा व गाजियाबाद जैसे NCR शहरों से जोड़ते हैं.
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सिंह ने कहा, पहले चरण के लिए DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) को मंज़ूरी दे दी गई है, जिसमें आज़ादपुर से आश्रम तक के इलाके शामिल होंगे. यमुना पर अलग-अलग जगहों पर दो पुल बनेंगे, जिससे सभी लोगों को सिग्नल-फ्री सड़कें मिलेंगी.
उन्होंने कहा कि 55 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट का मकसद मौजूदा रिंग रोड के ऊपर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाकर कनेक्टिविटी बढ़ाना, मुख्य चौराहों पर भीड़ कम करना और सस्टेनेबल शहरी ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना है.
पिछले साल जून में सरकार ने राजधानी में भीड़ कम करने की योजना के तहत मौजूदा रिंग रोड के ऊपर एक और रिंग रोड प्रोजेक्ट की घोषणा की थी.
योजना के अनुसार, आजादपुर फ्लाईओवर-हनुमान मंदिर ISBT (9.5 किमी), चांदगी राम अखाड़ा-मजनू का टीला (2.5 किमी) और हनुमान मंदिर ISBT-DND फ्लाईओवर (11.5 किमी) कॉरिडोर पर प्राथमिकता से काम किया जाएगा.
इसके अलावा सिंह ने जानकारी दी कि रीडेवलप्ड महात्मा गांधी रोड कॉरिडोर से सभी हिस्सों में यात्रा का समय काफी कम होने और मुकरबा चौक व आश्रम फ्लाईओवर के बीच अहम चौराहों पर भीड़ कम होने की उम्मीद है.
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