दिल्ली सरकार राजधानी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक शानदार स्पिरिचुअल टूरिज्म सर्किट योजना पर काम कर रही है. इसके तहत विशेष पर्यटन बसें चलाई जाएंगी जो श्रद्धालुओं को अक्षरधाम से लेकर सदियों पुराने योगमाया मंदिर समेत दिल्ली के कई प्रमुख मंदिरों के दर्शन एक ही यात्रा में कराएंगी.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DTTDC) इस पहल के तहत दो खास बसें शुरू करने की योजना बना रहा है. ये प्रोजेक्ट अभी टेंडरिंग के चरण में है और सीटें सरकार के 'देखो मेरी दिल्ली' प्लेटफॉर्म के जरिए बुक की जा सकेंगी, जहां लॉन्च के बाद इस नए सर्किट को जोड़ने की उम्मीद है.
इन मंदिरों को जोड़ेगा सर्किट
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रस्तावित रूट के तहत प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे अक्षरधाम, बिड़ला मंदिर, लॉर्ड वेंकटेश्वर (बालाजी) मंदिर, सीआर पार्क की काली बाड़ी और योगमाया मंदिर को आपस में जोड़ा जाएगा, ताकि लोग एक ही टूर में कई पवित्र स्थानों के दर्शन सुगमता से कर सकें. जैसे-जैसे सर्किट का विस्तार होगा, इसमें और मंदिर जोड़े जा सकते हैं.
'शुरुआत में चलेंगी दो बसें'
अधिकारियों का कहना है कि इस पहल की शुरुआत में दो बसों से सेवा शुरू की जाएगी. यात्रियों की प्रतिक्रिया देखने के बाद सेवा का विस्तार किया जाएगा. रूट और ऊंचाई संबंधी पाबंदियों को ध्यान में रखते हुए छोटी बसों का इस्तेमाल संभावित है.
दिल्ली सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के पर्यटन आकर्षण को केवल मुगलकालीन स्मारकों और ऐतिहासिक स्थलों की स्थापित सीमाओं से आगे ले जाना है. अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली को अक्सर सिर्फ पुराने किलों के लिए जाना जाता है, जबकि यहां कई महत्वपूर्ण और भव्य पूजा स्थल भी मौजूद हैं जो पूरे साल भारी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं.
जून के अंत में होगी वर्कशॉप
इस बड़ी पहल के एक हिस्से के रूप में पर्यटन विभाग इसी महीने के अंत में अक्षरधाम मंदिर में देश भर के आध्यात्मिक नेताओं और प्रतिष्ठित संगठनों की उपस्थिति में एक दिवसीय वर्कशॉप आयोजित करेगा. इस विशेष कार्यक्रम के बाद एक भव्य लंच का भी आयोजन होगा, जिसमें श्री श्री रविशंकर और साधगुरु जैसी देश की जानी-मानी आध्यात्मिक हस्तियां मुख्य रूप से शिरकत करेंगी.
बता दें कि इस साल की शुरुआत में दिल्ली सरकार ने राजधानी के प्रमुख स्मारकों और पर्यटक आकर्षणों को जोड़ने वाली हॉप-ऑन, हॉप-ऑफ डबल-डेकर साइटसीइंग बस सेवा शुरू की थी. ये पहले इसी शुरुआत का विस्तार है. हालांकि, ये नया सर्किट विशेष रूप से मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर केंद्रित रहेगा. इस नई परियोजना के लिए जरूरी बुनियादी तैयारी और कागजी काम तेजी से चल रहा है, लेकिन विभाग द्वारा इसकी लॉन्चिंग की तारीख अभी तक आधिकारिक रूप से तय नहीं की गई है.
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