दिल्ली में बनेगा भारत का पहला ई-वेस्ट इको पार्क, एलजी की मंजूरी

दिल्ली में विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की कमी के कारण रुकी कई बुनियादी परियोजनाओं को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की समीक्षा के बाद नई गति मिली है.

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दिल्ली एलजी ने ई-वेस्ट पार्क समेत कई प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है दिल्ली एलजी ने ई-वेस्ट पार्क समेत कई प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:07 PM IST

दिल्ली में लंबे समय से विभिन्न विभागों के बीच  तालमेल की कमी के कारण अटकी कई बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को अब गति मिलने जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की समीक्षा के बाद कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दे दी गई है. इनमें सबसे अहम परियोजना होलंबी कलां में देश का पहला ई-वेस्ट इको मैनेजमेंट पार्क स्थापित करना है.

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अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने इस परियोजना के लिए 8.5 हेक्टेयर भूमि आवंटित की है. यह अत्याधुनिक और प्रदूषण-मुक्त सुविधा वैश्विक ग्रीन टेक्नोलॉजी मानकों के अनुरूप विकसित की जाएगी. इसका उद्देश्य बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक कचरे के वैज्ञानिक निपटान और ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देना है.

कचरा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए गाजीपुर लैंडफिल साइट पर 10 एकड़ भूमि नगर निगम (एमसीडी) को सौंपी गई है. इसके अलावा वेस्ट-टू-एनर्जी और बायो-मीथेनाइजेशन संयंत्रों के विस्तार के लिए 10.4 एकड़ अतिरिक्त भूमि भी आवंटित की गई है. एमसीडी को 24 फिक्स्ड कॉम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन स्थापित करने के लिए भी जमीन दी गई है.

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिलकुशा बाग, सागरपुर, सूरजपुर और किशनगढ़ में नए पुलिस थानों, नरेला में फोरेंसिक साइंस लैब तथा धीरपुर और ताहिरपुर में इंटेलिजेंस ब्यूरो के कार्यालयों के लिए भी भूमि आवंटित की गई है. परिवहन क्षेत्र में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) को सनौठ में मेट्रो डिपो के लिए 20 हेक्टेयर और नरेला में कास्टिंग यार्ड के लिए 16 हेक्टेयर भूमि दी गई है. वहीं जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए दिल्ली जल बोर्ड को 151 बोरवेल लगाने की अनुमति मिली है. इसके अलावा आठ स्थानों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और सीवेज पंपिंग स्टेशन, जौंटी में एसटीपी तथा संगम विहार में भूमिगत जलाशय के लिए भी जमीन आवंटित की गई है.

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शिक्षा क्षेत्र में नरेला एजुकेशन हब में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के नए परिसर के लिए 22.43 एकड़, दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के लिए 12.69 एकड़ और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के लिए 1200 वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई है. इसके अलावा ज्वालापुरी में जवाहर नवोदय विद्यालय, शालीमार बाग और करावल नगर में नए स्कूलों तथा रोहिणी और शाहदरा में न्यायपालिका के कर्मचारियों के आवास निर्माण के लिए भी जमीन उपलब्ध कराई गई है.

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