दिल्ली: अवैध निर्माण पर मॉनिटरिंग कमेटी और बीजेपी आमने-सामने

यमुना नदी का काफी हिस्सा अवैध निर्माण अपनी चपेट में ले चुका है. बता दे कि दिल्ली में अवैध निर्माण को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 2006 में  मॉनिटरिंग कमेटी बनाई थी, लेकिन उसके बाद भी दिल्ली में अवैध निर्माण थमने का नाम नहीं ले रहा है.

Advertisement
खादर इलाके में अवैध निर्माण (फोटो-aajtak.in) खादर इलाके में अवैध निर्माण (फोटो-aajtak.in)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 06 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 6:00 PM IST

राजधानी दिल्ली की जिस संसद में केंद्र सरकार नदियों के अस्तित्व को बचाने के लिए कानून बनाने की बात कर रही है, उसी संसद से कुछ किलोमीटर की दूरी पर सरकार की नाक के नीचे बिना किसी रोक-टोक के युमना नदी के किनारे धड़ल्ले से अवैध निर्माण हो रहा है.

यमुना नदी का काफी हिस्सा अवैध निर्माण अपनी चपेट में ले चुका है. बता दे कि दिल्ली में अवैध निर्माण को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 2006 में  मॉनिटरिंग कमेटी बनाई थी, लेकिन उसके बाद भी दिल्ली में अवैध निर्माण थमने का नाम नहीं ले रहा है.

Advertisement

ओखला के युमना-खादर इलाके में धड़ल्ले से चल रहे अवैध निर्माण का आलम ये है कि लोगों ने युमना नदी को मलबे से भरकर घर बनने शुरू कर दिए हैं. जिसके बाद मॉनिटरिंग कमेटी को लेकर सियासत होने लगी है. यमुना खादर इलाके में हो रहे अवैध निर्माण को लेकर मॉनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष भूरेलाल ने कहा कि साउथ एमसीडी से इसकी कई बार शिकायत हो चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.

मॉनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि राजधानी दिल्ली में जो अवैध निर्माण हो रहा है, उसके लिए एमसीडी, दिल्ली सरकार और डीडीए तीनों जिम्मेदार हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने मॉनिटरिंग कमेटी की शिकायत पर गौर नहीं किया. एमसीडी की सत्ता में बीजेपी है, जब मनोज तिवारी से बात की तो उन्होंने मॉनिटरिंग कमेटी पर ही सवाल खड़े कर दिए और कहा, मॉनिटरिंग कमेटी को भंग कर देना चाहिए.

Advertisement

बता दें कि दिल्ली में पिछले कई वर्षों से सीलिंग और अवैध निर्माण का जिन्न लोगों के साथ नेताओ के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है. नेताओं की नजर में मॉनिटरिंग कमेटी हमेशा खटकती रही है. दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी कई बार कह चुके हैं कि वो दिल्ली की सत्ता में आते ही मॉनिटरिंग कमेटी को भंग कर देंगे.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »