'आकृति कहती थी मैं खुदकुशी नहीं करूंगी', मां ने दामाद पर लगाए सनसनीखेज आरोप

दिल्ली में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. परिजनों का आरोप है कि दहेज के लिए पति और ससुराल वाले उसे लगातार प्रताड़ित करते थे. पुलिस ने केस दर्ज कर पति को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले की जांच जारी है.

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दिल्ली के हाई प्रोफाइल इलाके लोधी कॉलोनी में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत. (File Photo: ITG) दिल्ली के हाई प्रोफाइल इलाके लोधी कॉलोनी में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:59 PM IST

दिल्ली के लोधी कॉलोनी इलाके में नवविवाहिता आकृति की संदिग्ध मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है. संगम विहार निवासी आकृति के परिजनों ने उसकी मौत को हत्या बताया है. उनका आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर पति और ससुराल वाले उसे लगातार प्रताड़ित करते थे. पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर पति अरस्तु सिक्का को गिरफ्तार कर लिया है. 

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जानकारी के मुताबिक, आकृति का शव शनिवार देर शाम लोधी कॉलोनी इलाके में मिला था. पुलिस को शुरुआती सूचना मिली थी कि वो अपने घर की छत से गिर गई है. इसके बाद उसे तुरंत एम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद से संगम विहार स्थित उसके घर में मातम पसरा हुआ है. परिवार का बुरा हाल है.

आकृति की शादी इसी साल 24 अप्रैल को अरस्तु सिक्का से हुई थी. उसका पति के पिता लेबर डिपार्टमेंट में सेक्शन ऑफिसर हैं. उसका परिवार पुष्प विहार के सरकारी फ्लैट में रहता है. शादी को अभी तीन महीने भी पूरे नहीं हुए थे कि आकृति की मौत हो गई. मृतका की मां ने आजतक से बातचीत में दावा किया कि यह लव मैरिज थी. परिवार शादी के खिलाफ था.

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बेटी की जिद के आगे परिजनों को झुकना पड़ा और शादी के लिए हामी भरनी पड़ी. मां का आरोप है कि लड़के की बहन, जो आकृति की क्लासमेट थी, उसी ने दोनों की मुलाकात करवाई थी. शादी के करीब एक महीने बाद से ही दहेज को लेकर दबाव बनाया जाने लगा. अरस्तु अक्सर कहता था, "अपने घर से कुछ लेकर आओ." वो आकृति के साथ मारपीट भी करता था.

मां ने बताया कि जब भी उनकी बेटी से बात होती थी, वह अपने साथ हो रही मारपीट की जानकारी देती थी. उन्होंने कई बार उसे मायके लौट आने के लिए कहा, लेकिन आकृति समाज की बातों को लेकर परेशान रहती थी. वो कहती थी कि लोग ताने देंगे कि शादी के बाद बेटी वापस घर आ गई. आकृति ने कहा था, "मैं नौकरी करती हूं. दूसरी जगह कमरा लेकर रहने लगूंगी.''

उसने अपनी मां से ये भी कहा था, ''तुम किसी को मत बताना कि मैं ससुराल में नहीं रहती हूं." वो छतरपुर इलाके में नौकरी करती थी और आत्मनिर्भर बनकर जिंदगी जीना चाहती थी. परिजनों का कहना है कि आकृति ने कभी आत्महत्या जैसा कदम उठाने की बात नहीं की. मां ने दावा किया कि बेटी उनसे कहती थी, "पापा की डेथ के दौरान भी मैं कमजोर नहीं हुई.''

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''मैं अपने आप को कुछ नहीं करूंगी. मैं सब मैनेज कर लूंगी. तुम चिंता मत करो." इसी वजह से परिवार को पूरा यकीन है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला है. मां ने मांग की है कि आकृति की ननद से भी पूछताछ की जाए. उसी ने आकृति की मुलाकात अपने भाई से करवाई थी. वहीं, ससुर को भी उन्होंने पहले दहेज प्रताड़ना और मारपीट की जानकारी दी थी.

घटना वाले दिन यानी शनिवार को आकृति रोज की तरह छतरपुर स्थित अपने कार्यालय गई थी. शाम को उसकी परिवार से फोन पर बात भी हुई. उसने बताया था कि वह ऑफिस से निकल चुकी है. इसके कुछ समय बाद उसका फोन नॉट रीचेबल हो गया. इसके बाद में लोधी कॉलोनी थाने से परिवार को सूचना मिली कि आकृति की छत से गिरने के बाद मौत हो गई है.

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इनपुट- आशुतोष शुक्ला

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