मालवीय नगर हादसे के बाद जागा प्रशासन, दिल्ली में अवैध निर्माण पर MCD सख्त, 29 इमारतें सील

दिल्ली सरकार में मंगलवार को 86 इमारतों की जांच के दौरान दिल्ली नगर निगम ने 16 अवैध इमारतें तोड़ीं और 29 जगहों को सील किया. ये अभियान हाल ही में हौज रानी में हुए भीषण आग हादसे के बाद तेज किया गया है.1 जून से 9 जून के बीच कुल 139 अवैध निर्माण गिराए गए और 199 जगहों को सील किया गया है.

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दिल्ली में अवैध निर्माण पर एक्शन (Representative Image/File) दिल्ली में अवैध निर्माण पर एक्शन (Representative Image/File)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:44 AM IST

दिल्ली में अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सरकार सख्त हो गई है. मंगलवार को अधिकारियों ने दिल्ली में 86 इमारतों की अचानक जांच की. इस बड़ी कार्रवाई के दौरान, दिल्ली नगर निगम ने 16 अवैध इमारतों को तोड़ दिया और 29 जगहों को सील कर दिया.

ये अभियान हाल ही में हौज रानी इलाके में हुए हादसे के बाद शुरू किया गया है, जहां एक अवैध 'बेड-एंड-ब्रेकफास्ट' गेस्ट हाउस में भीषण आग लग गई थी. इस हादसे में 22 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी. इस बड़ी दुर्घटना के बाद से ही प्रशासन बिना अनुमति और सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर बनी इमारतों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है.

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केवल 9 दिनों में बड़ी कार्रवाई

रेवेन्यू डिपार्टमेंट की रोजाना जांच रिपोर्ट के अनुसार, केवल मंगलवार को ही 86 संपत्तियों की जांच की गई, जबकि 5 जून से 9 जून के बीच कुल 538 संपत्तियों की जांच की जा चुकी है. इस दौरान सिविक अधिकारियों के साथ मिलकर नोटिस जारी करने, सीलिंग, तोड़-फोड़ और खाली कराने की कार्रवाई भी शामिल थी. 

इसके अलावा, एमसीडी ने मंगलवार को अवैध निर्माण के लिए 21 शो-कॉज नोटिस, सीलिंग के लिए 57 शो-कॉज नोटिस और 22 इमारतों को गिराने के आदेश भी जारी किए. अधिकारियों ने कहा कि हौज रानी में आग लगने की घटना के बाद ये कार्रवाई तेज हो गई है.

अधिकारियों के मुताबिक, अगर 1 जून से 9 जून के बीच का रिकॉर्ड देखें, तो पूरी दिल्ली में 139 अवैध निर्माण गिराए जा चुके हैं और नियमों को अनदेखा करने वाली 199 जगहों को सील किया गया है. इस दौरान, एमसीडी ने 132 अवैध निर्माणों को शो-कॉज नोटिस, 121 जगहों को सीलिंग के लिए शो-कॉज नोटिस और 64 तोड़-फोड़ के आदेश भी जारी किए.

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किन इलाकों में क्या हुआ एक्शन?

दिल्ली के अलग-अलग जिलों में प्रशासन ने कई कड़े कदम उठाए हैं. साउथ जिले में एक संपत्ति सील की गई और वहां तोड़-फोड़ की कार्रवाई शुरू की गई. साउथ-ईस्ट जिले में अतिरिक्त निर्माण हटाए गए और अवैध निर्माण पर रोक लगाने के आदेश जारी किए गए. पुरानी दिल्ली में एक इमारत को सील कर उसमें तोड़-फोड़ की गई, साथ ही एक दूसरे मामले में नोटिस भी जारी किया गया. नॉर्थ-ईस्ट जिले में कई होटलों, गेस्ट हाउसों और बैंक्वेट हॉलों को फायर सेफ्टी व बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन पर नोटिस दिए गए.

सेंट्रल और न्यू दिल्ली जिलों में भी नोटिस जारी किए गए, जबकि ईस्ट जिले में प्रॉपर्टी मालिकों से डॉक्यूमेंट और मंजूरी दिखाने को कहा गया है. वहीं, साउथ-ईस्ट के मदनपुर खादर में जॉइंट सर्वे किया गया. दरियागंज में बन रही एक प्रॉपर्टी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई. नॉर्थ जिले में अवैध निर्माण और बिना अनुमति के लगाए गए बोरवेल मामलों में रोक लगाने के आदेश और नोटिस जारी किए गए है.

अधिकारियों ने बताया कि कई कमर्शियल जगहों के जांच में नियमों का उल्लंघन पाया गया है. कई जगहों पर बिना मंजूरी के निर्माण, मंजूरी से ज्यादा मंजिलें बनाना, बिल्डिंग प्लान मंजूर न होना, फायर क्लीयरेंस न होना और आग से सुरक्षा की तैयारियों में कमी जैसी खामियां मिली हैं.
 

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नियमों को तोड़ने पर सख्त चेतावनी

इस बीच, एमसीडी दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार ने कहा कि अभियान का उद्देश्य ऐसी जगहों की पहचान करना है जहां आग लगने का खतरा ज्यादा है. खासकर ग्राउंड-फ्लोर पर बने खाने-पीने की जगहों और संवेदनशील स्थानों की जांच की जा रही है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि ये मुहिम चुनिंदा जगहों पर नहीं, बल्कि सभी जगहों पर समान रूप से चलाई जाएगी. उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन मिलने पर 48 घंटे का नोटिस दिया जाएगा. आगे की कार्रवाई शुरू करने से पहले सिविक बॉडी स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठकें करेगी, ताकि लोगों को नियमों की जानकारी देकर इसके पालन के लिए प्रेरित किया जा सके.

एमसीडी ने ये भी कहा कि सभी जोन में गैर-कानूनी कमर्शियल और रिहायशी निर्माणों की पहचान करने के लिए सर्वे किया जा रहा है और चेतावनी दी गई है कि मास्टर प्लान-2021, यूनिफाइड बिल्डिंग बाय-लॉज-2016 और दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट, 1957 के तहत कार्रवाई जारी रहेगी.

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