दिल्ली में खुलेंगे होटल और साप्ताहिक बाजार, DDMA ने जारी किए आदेश

साप्ताहिक बाजार 24 से 30 अगस्त के बीच ट्रायल बेसिस पर खोले जाएंगे. हर नगर निगम के प्रत्येक जोन में हर दिन एक साप्ताहिक बाजार खोलने की अनुमति होगी.

Advertisement
प्रतीकात्मक तस्वीर (पीटीआई) प्रतीकात्मक तस्वीर (पीटीआई)

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 21 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 9:04 PM IST

  • कंटेनमेंट जोन में बंद रहेंगे होटल
  • करना होगा एसओपी का पालन

दिल्ली में होटल, जिम और साप्ताहिक बाजार खोलने को लेकर सरकार और उपराज्यपाल में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में होटल और साप्ताहिक बाजार खुलने का रास्ता अब साफ हो गया है. दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने होटल खोलने के संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं. यह आदेश दिल्ली के हर इलाके में स्थित होटलों पर लागू होगा.

Advertisement

दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक कंटेनमेंट जोन्स में पड़ने वाले होटलों को खोलने की अनुमति नहीं होगी. सभी होटलों को केंद्र सरकार की ओर से दिए जा रहे दिशा-निर्देश और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रॉसीजर का पालन करना होगा. साथ ही, साप्ताहिक बाजार को भी ट्रायल बेसिस पर खोलने की अनुमति दी गई है.

साप्ताहिक बाजार 24 से 30 अगस्त के बीच ट्रायल बेसिस पर खोले जाएंगे. हर नगर निगम के प्रत्येक जोन में हर दिन एक साप्ताहिक बाजार खोलने की अनुमति होगी. 30 अगस्त के बाद स्थिति का मूल्यांकन कर साप्ताहिक बाजार खोलने या बंद करने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा. गौरतलब है कि डीडीएमए की 19 अगस्त को हुई बैठक में होटल के साथ ही ट्रायल बेसिस पर साप्ताहिक बाजार खोलने का निर्णय लिया गया था.

Advertisement

ये भी पढ़ें-

इससे पहले होटल खोलने की अनुमति देने के दिल्ली सरकार के फैसले पर एलजी ने रोक लगा दी थी. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर एलजी को अपना आदेश वापस लेने के निर्देश देने की मांग की थी. सिसोदिया ने यूपी और कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा था कि वहां कोरोना से संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, तो वहां होटल और साप्ताहिक बाजार खुले हुए हैं.

ये भी पढ़ें-

डिप्टी सीएम ने दिल्ली में लगातार कम होते मामलों का हवाला देते हुए दावा किया था कि अब हालात नियंत्रण में हैं. एलजी के फैसले का होटल एसोसिएशन ने भी विरोध किया था. संगठन ने उपराज्यपाल को पत्र भी लिखा था, वहीं दिल्ली सरकार ने भी उनसे अपने फैसले पर फिर से विचार करने की मांग की थी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »