यूनिफॉर्म सिविल कोड पर कंफ्यूजन बरकरार... 7 जुलाई को चर्चा के लिए दिल्ली में जुटेंगे सिख

देशभर में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक सहिंता को लेकर चर्चा है. दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने कहा कि धार्मिक चिह्नों को लेकर सरकार ने किसी तरह की स्पष्टिकरण नहीं दिया है. लिहाजा कम्यूनिटी के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ होने पर इसका विरोध करेंगे.

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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका

राम किंकर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 04 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 4:51 AM IST

देशभर में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक सहिंता को लेकर चर्चा है. माना जा रहा है कि इस मानसून सत्र में सरकार इसे पेश कर सकती है. वहीं कांग्रेस इसको लेकर सरकार पर हमलावर है. इस सबके बीच दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इसे समझने के लिए देशभर से सिंह सभाओं के बुद्धिजीवियों को जुटने का ऐलान किया है, ताकि यूसीसी पर कोई फैसला ले सके. इसके लिए दिल्ली में 7 जुलाई को सिखों को जुटने को कहा गया है.

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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने कहा कि धार्मिक चिह्नों को लेकर सरकार ने किसी तरह की स्पष्टिकरण नहीं दिया है. लिहाजा कम्यूनिटी के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ होने पर इसका विरोध करेंगे. कई एससी सुमदाय के लोग मंदिरों में पूजा नहीं कर सकते, क्या इसके बाद उनको अधिकार मिलेगा?

'इन कन्फ्यूजन को दूर करना चाहते हैं'

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर कई कन्फ्यूजन हैं. उन्हीं को दूर करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि  सिखों में शादी आनंद मैरिज एक्ट 2009 के तहत होती है, लेकिन अलगाव में ये एक्ट साइलेंट है. लिहाजा तलाक के मामले आईपीसी के तहत डील होते हैं. हिंदू मैरिज एक्ट के तहत अलगाव अंजाम दिया जाता है. सभी धर्मों के लिए समान रूल होने पर यूसीसी स्थिति अगर बदलेगी तो क्या होगी. दरअसल, अलगाव (तलाक) के मुद्दे पर आनंद मैरिज एक्ट साइलेंट है. ऐसे में आर्टिकल 26 का स्पष्टीकरण मिलने पर स्थिति साफ हो जाएगी.  

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 संपति के बंटवारे पर कन्फ्यूजन

उन्होंने कहा कि संपत्ति के बंटवारे को लेकर भी कन्फ्यूजन है. किसी प्रापर्टी के बंटवारे पर यूसीसी के बाद कैसे बदलाव आएगा. सिखों की धार्मिक प्रथा और रीति रिवाज को यूसीसी में कैसा देखा जाएगा.
 
इन देशों में है यूसीसी

बता दें कि अभी दुनिया के कई देशों में समान नागरिक संहिता है. इनमें अमेरिका, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, मिस्र, आयरलैंड, मलेशिया, बांग्लादेश शामिल हैं. यहां अलग-अलग धर्म या समुदाय के लिए अलग-अलग कानून नहीं हैं. 

क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड? 

यूनिफॉर्म सिविल कोड का सीधा अर्थ एक देश-एक कानून है. अभी शादी, तलाक, गोद लेने के नियम, उत्तराधिकारी, संपत्तियों से जुड़े मामलों के लिए सभी धर्मों में अलग-अलग कानून हैं. समान नागरिक संहिता आती है तो फिर सभी के लिए एक ही कानून होगा, फिर चाहे वो किसी भी धर्म या जाति का ही क्यों न हो. 

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