सौरभ भारद्वाज ने पकड़े भाजपा MLA के पैर, विजेंद्र गुप्ता की कार में बैठीं CM आतिशी... मार्शल बहाली पर हाई वोल्टेज 'ड्रामा'

सार्वजनिक परिवहन बसों में मार्शल के रूप में तैनात 10 हजार से अधिक नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को पिछले साल हटा दिया गया था, क्योंकि नागरिक सुरक्षा निदेशालय ने आपत्ति जताई थी कि वे आपदा प्रबंधन कर्तव्यों के लिए नियुक्त हैं.

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दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी विधायकों के पैर पकड़े और आतिशी बीजेपी विधायक की कार में पहुंचीं दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी विधायकों के पैर पकड़े और आतिशी बीजेपी विधायक की कार में पहुंचीं

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 05 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 8:11 PM IST

दिल्ली में बस मार्शलों की बहाली के मुद्दे पर शनिवार को हाई बोल्टेज ड्रामा हुआ. दरअसल, दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी, आम आदमी पार्टी और बीजेपी विधायकों के साथ बस मार्शलों की बहाली को लेकर कैबिनेट नोट सौंपने और उस पर मंजूरी के लिए उपराज्यपाल वीके सक्सेना के कार्यालय पहुंचीं थीं. 

आम आदमी पार्टी का कहना है बीजेपी विधायक सचिवालय से भागने लगे, लेकिन मंत्री सौरभ भारद्वाज ने उनके पैर पकड़कर रोका. AAP ने कहा कि बस मार्शलों की बहाली के लिए बीजेपी विधायकों के सामने कैबिनेट नोट पास करने के बाद उस नोट को लेकर एलजी के पास सीएम आतिशी और आम आदमी पार्टी के मंत्री और विधायक गए. इस दौरान बीजेपी विधायकों ने भागने का पूरा प्रयास किया लेकिन मंत्री सौरभ भारद्वाज और AAP नेताओं ने उन्हें भागने नहीं दिया. AAP ने कहा कि CM आतिशी खुद BJP विधायक की गाड़ी में बैठकर LG House इसलिए गईं, ताकि बीजेपी विधायकों को भगाने का कोई भी मौका ना मिले.

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इस घटनाक्रम के बाद सौरभ भारद्वाज, AAP विधायकों और बस मार्शलों को राज निवास रोड से हिरासत में लिया गया. दिल्ली पुलिस ने इलाके को खाली कराया है.

उधर, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि ये आम आदमी पार्टी की नौटंकी है. जनता की अदालत लगाने से पहले केजरीवाल मार्शल की अदालत लगा लेते. आम आदमी पार्टी के ड्रामे से पहले ही हमने माननीय उपराज्यपाल से मार्शल की मुलाकात कर दी थी.

दिल्ली की सीएम आतिशी ने कहा कि बीजेपी विधायकों ने कल मुझसे मिलने का समय मांगा था, हमने उनसे मुलाकात की और उन्हें इस मुद्दे (बस मार्शलों) के बारे में समझाया कि यह एलजी के अधीन आने वाले सेवा मामलों के अंतर्गत आता है. लेकिन आज बीजेपी की पोल खुल गई, क्योंकि हमारी पूरी कैबिनेट वहां थी. बीजेपी को एलजी से उन मामलों पर निर्णय लेने के लिए कहना चाहिए जो उनके अधीन आते हैं. लेकिन बीजेपी इसके लिए तैयार नहीं है, वे इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं.

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आतिशी ने कहा कि हमने एक आपातकालीन कैबिनेट बैठक बुलाई और बस मार्शल को नियमित करने के लिए दिल्ली विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए गए. यहां (एलजी हाउस) आने के बाद भी बीजेपी विधायक एलजी से उस कैबिनेट नोट को पारित करने के लिए कहने के लिए तैयार नहीं थे, यह बस मार्शल के साथ विश्वासघात है. कैबिनेट द्वारा जो काम किए जाने थे - बस मार्शल और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को नियमित करना, वे किए जा चुके हैं. अब बीजेपी को उन्हें नियमित करना है, और उन्हें ज्वाइनिंग लेटर आवंटित करना है. 

इसी बीच दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे गर्व है अपने मंत्रियों पर जो लोगों के काम करवाने के लिए किसी के पैरों में भी लेट जाते हैं. मेरी एलजी साहब और बीजेपी वालों से विनती है कि इस मुद्दे पर और राजनीति ना करें और तुरंत बस मार्शलों को नौकरी पर रखा जाए. 

बता दें कि सार्वजनिक परिवहन बसों में मार्शल के रूप में तैनात 10 हजार से अधिक नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को पिछले साल हटा दिया गया था, क्योंकि नागरिक सुरक्षा निदेशालय ने आपत्ति जताई थी कि वे आपदा प्रबंधन कर्तव्यों के लिए नियुक्त हैं. 

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(इनपुट- अमित भारद्वाज)

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