AAP सरकार के मंत्री ने कहा- रेपिस्ट और टेररिस्ट एक जैसे, मिले मौत की सजा

कपिल मिश्रा ने लिखा, 'एक साल में अकेले दिल्ली में 450 नाबालिग लड़कियां बलात्कार की शिकार हुईं. आधा देश लगातार इस डर में जी रहा है. जो बुलंदशहर में हुआ वो कभी भी किसी के भी साथ हो सकता है.

Advertisement
केजरीवाल सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा केजरीवाल सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा

केशव कुमार / पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 03 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 8:06 PM IST

आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने ब्लॉग लिखकर बलात्कारियों के साथ आतंकवादियों जैसा बर्ताव करने की बात कही है. कपिल मिश्रा ने ब्लॉग में लिखा है कि बलात्कारी, किसी आतंकवादी से कम नहीं है और इन्हें मृत्युदंड मिलना ही चाहिए.

कपिल मिश्रा ने लिखा, 'एक साल में अकेले दिल्ली में 450 नाबालिग लड़कियां बलात्कार की शिकार हुईं. आधा देश लगातार इस डर में जी रहा है. जो वो कभी भी किसी के भी साथ हो सकता है और सबसे बुरी बात ये है कि इस तरह की घटनाएं सुनकर अब हमारा दिल नहीं दहलता.'

Advertisement

कपिल मिश्रा ने ब्लॉग के जरिए चार बड़ी बातों का जिक्र किया है-

1. बलात्कारी की उम्र कोई भी हो, सजा-ऐ-मौत जरूर होना चाहिए. अगर तुम्हारी उम्र बलात्कार करने लायक है, तो तुम उसकी सजा काटने लायक भी हो. इसमें किसी प्रकार की सहानुभूति नहीं देनी चाहिए.

2. यदि हम नहीं कर सकते, तो उन्हें स्वयं उनकी रक्षा करने दो. सभी लड़कियों के हाथ में हथियार देकर, प्रशिक्षण दो. मारने दो उन्हें जो उनका बलात्कार करना चाहते हैं.

3. उन्हें कठोर सजा दो लेकिन जल्दी और कठोर. जैसे कि संसद को बुलंदशहर कांड के लिए एक विशेष कानून लाना चाहिए और बलात्कारियों को सार्वजनिक रूप से मारा जाए. जिससे सभी को पता चले कि बेटी और बहनों को हाथ लगाने वालों का क्या अंजाम होता है.

4. बलात्कारी और पीड़िता की पहचान सार्वजनिक हो, जिससे हर कोई उन्हें जान पाए. अगर कोई पिता या अंकल है...जिन्होंने हमारी नन्ही बच्चियों को यौन रूप से पीड़ित किया है तो हर एक को उनका नाम और पता जानना चाहिए.

Advertisement

ये अभी होगा या कभी नहीं
बनने से पहले निर्भया आंदोलन का हिस्सा रहे कपिल मिश्रा ब्लॉग मे लिखते हैं, 'हमारी बेटियां और बहनें जो लगातार डर में जी रही हैं, उन्हें भी हर दिन प्रताड़ित किया जा रहा है. वे प्रतिदिन जैसे एक युद्ध का सामना कर रही हैं. हमें इसे एक लड़ाई घोषित कर देना चाहिए और युद्ध जैसे ही लड़ना चाहिए. आमतौर पर मैं मृत्युदंड के खिलाफ रहता हूं पर ये कहना चाहूंगा कि और उन्हीं की तरह इनसे बर्ताव होना चाहिए.'

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement