नोटबंदी के खिलाफ लालू प्रसाद का धरना, नीतीश और कांग्रेस ने किया किनारा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 500 और 1000 रुपये के नोट को बंद करने के फैसले के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव बुधवार को पटना में धरने पर बैठे और केंद्र सरकार की नोट बंदी के फैसले का जमकर विरोध किया.

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लालू की मोदी को खरी-खरी लालू की मोदी को खरी-खरी

सबा नाज़ / रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 29 दिसंबर 2016,
  • अपडेटेड 5:55 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 500 और 1000 रुपये के नोट को बंद करने के फैसले के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव बुधवार को पटना में धरने पर बैठे और केंद्र सरकार की नोट बंदी के फैसले का जमकर विरोध किया.

लालू ने एक और जहां के फैसले को तुगलकी फरमान करार दिया वहीं दूसरी ओर इसे पूरे तरीके से असफल करार दिया. हालांकि, नोट बंदी के खिलाफ लालू के इस धरना प्रदर्शन से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और कांग्रेस के तमाम नेताओं ने किनारा कर लिया.

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नीतीश और कांग्रेस द्वारा लालू के धरना प्रदर्शन से किनारा करने के बाद एक बार फिर साफ हो गया कि किस तरीके से नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्षी दलों में एक राय नहीं है. पढ़िए लालू के भाषण की मुख्य बातें-
1. के नेतृत्व में देश आर्थिक गुलामी की तरफ बढ़ रहा है.

2. चुनाव से पहले मोदी ने सभी लोगों के बैंक खाते में 15 लाख जमा कराने का वादा किया था जो पूरा नहीं हुआ है.

3. इस तरीके से बंदर एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर छलांग लगाता है उसी तरीके से प्रधानमंत्री मोदी नोट बंदी पर एक बयान के बाद दूसरा बयान देते हैं.

4. जिस तरीके से हम लोगों ने बीजेपी को बिहार में हराया था उसी तरीके से उत्तर प्रदेश में भी बीजेपी की भारी हार होगी.

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5. देश तानाशाही राज की तरफ बढ़ रहा है.

6. जो 105 लोग नोट बंदी के बाद बैंक की कतारों में खड़े होने की वजह से मौत हो गई है उनको लेकर ने अब तक एक भी संवेदना के शब्द नहीं कहा है.

7. लोग कहते हैं कि नोट बंदी के विरोध को लेकर मैं अलग-थलग पड़ गया हूं पर ऐसा नहीं है. कांग्रेस भी नोट बंदी के खिलाफ है.

8. नीतीश कुमार ने भी कहा है कि वह 50 दिनों के बाद नोट बंदी को लेकर समीक्षा करेंगे.

9. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जो भ्रष्टाचार के आरोप प्रधानमंत्री मोदी पर लगाए हैं उस पर प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए की उन्होंने वाकई में 40 करोड़ रिश्वत लिया है या नहीं. अगर प्रधानमंत्री इससे इनकार करते हैं तो उन्हें राहुल गांधी पर मानहानि का दावा करना चाहिए.

10. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नोट बंदी पर विरोध सराहनीय है.

11. 50 दिन का समय बीत चुके हैं और प्रधानमंत्री मोदी को अपने लिए चौराहा ढूंढ लेना चाहिए जहां पर वह जनता के द्वारा सजा पा सके.

12. नोट बंदी के मुद्दे पर जल्द एक रैली का आयोजन करूंगा जिसमें राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेताओं को बुलाऊंगा.

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