ब्रजेश ठाकुर प्रभावशाली, उसे बिहार से बाहर की जेल में भेजो: SC

कई संगीन आरोपों के बावजूद ब्रजेश ठाकुर पर उतनी कड़ाई से शिकंजा नहीं कस पा रहा. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया और उसे बिहार से बाहर किसी जेल में भेजने की सलाह दी.

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आरोपी ब्रजेश ठाकुर (इंडिया टुडे आर्काइव) आरोपी ब्रजेश ठाकुर (इंडिया टुडे आर्काइव)

रविकांत सिंह / संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 25 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 1:50 PM IST

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सख्त टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि घटना बेहद डरावनी और भयावह है. इसके साथ ही कोर्ट ने पूछा कि इस मामले में बिहार सरकार क्या कर रही है, इसका जवाब दे.

शेल्टर होम कांड पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी ब्रृजेश ठाकुर को प्रभावशाली बताते हुए उसे बिहार से बाहर की जेल में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा कि आरोपी बृजेश ठाकुर काफी प्रभावशाली व्यक्ति है और वो चल रही जांच में बाधा पहुंचा रहा है, इसलिए उसे बिहार से बाहर जेल में ट्रांसफर कर देना चाहिए.

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सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बृजेश ठाकुर को नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों ना साफ सुथरी जांच के लिए उसे बिहार से बाहर जेल में ट्रांसफर कर दिया जाए? इस मामले में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में लिफाफाबंद स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल की. एमिकस अपर्णा भट्ट ने कोर्ट को बताया कि एक पूर्व मंत्री का पति चंद्रशेखर वर्मा अवैध हथियार के साथ पटना में देखा गया है. इसलिए बिहार सरकार और सीबीआई इस पर भी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे और फरार बताए जा रहे वर्मा का आता पता लगाकर उचित कार्रवाई करे.

ठाकुर फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे है. ठाकुर के ऊपर आरोप है कि उसके द्वारा संचालित बालिका गृह में उसने वहां रहने वाली नाबालिग लड़कियों के साथ महीनों तक यौन शोषण किया और अब इस बात की संभावना भी जताई जा रही है कि उसके ऊपर अब हत्या का मुकदमा भी चल सकता है.

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मुजफ्फरपुर सेक्स रैकेट कांड के सामने आने के बाद वहां पर रहने वाली एक पीड़िता ने इस बात का दावा किया था कि बालिका गृह में रहने वाली सात साल की लड़की की ब्रजेश ठाकुर ने हत्या कर उसके शव को बालिका गृह के अहाते में ही दफना दिया.

इस खुलासे के बाद करीब 3 महीने पहले जुलाई में तत्कालीन एसएसपी हरप्रीत कौर के नेतृत्व में मुजफ्फरपुर पुलिस ने बालिका गृह के अंदर खुदाई की और शव की तलाश की मगर उस दौरान वहां कुछ भी नहीं मिला लेकिन इस पूरे मामले में सनसनीखेज मोड़ तब आया जब सीबीआई की टीम ब्रजेश ठाकुर के ड्राइवर विजय तिवारी और कर्मचारी गुड्डू को लेकर अचानक से शहर के सिकंदरपुर इलाके में स्थित एक श्मशान घाट पर जेसीबी मशीन के साथ पहुंच गई.

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