कृषि बिल पर बोले नीतीश कुमार- किसानों के पक्ष में है कानून, राजनीति कर रहीं पार्टियां

नीतीश कुमार ने कहा कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे राजनीति कर रहे हैं. बिहार में पहले कृषि उपज के नाम पर कुछ नहीं होता था. हमारी सरकार ने किसानों के फायदे के लिए काफी कुछ किया है.

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नीतीश कुमार नीतीश कुमार

सुजीत झा

  • पटना,
  • 24 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 11:15 PM IST
  • पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ नीतीश की बैठक
  • नीतीश कुमार ने कृषि बिल का किया समर्थन
  • बोले- कृषि क्षेत्र में हमारी सरकार ने बहुत कुछ किया

कृषि बिल पर पूरे देश में विरोध प्रदर्शनों के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बयान आया है. अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि जो लोग कृषि बिल का विरोध कर रहे हैं, वे इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि बिल किसानों के पक्ष में है और लोग इसके बारे में भ्रम फैला रहे हैं.

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नीतीश कुमार की गुरुवार शाम जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कार्यकर्ताओं के साथ बैठक हुई. इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई जिनमें कृषि बिल भी एक था. अभी हाल में केंद्र सरकार ने कृषि सुधारों से संबंधित दो बिल पास किए हैं जिस पर विपक्ष हमलावर है. कांग्रेस ने पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया है. कुछ राज्यों में किसान भी सड़कों पर उतरे हैं. सबकी नजरें इस ओर लगी हैं कि एनडीए के गठबंधन में चल रही बिहार सरकार का इस पर क्या रुख है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ कर दिया कि किसानी से जुड़े इस मुद्दे पर राजनीति की जा रही है.

नीतीश कुमार की गुरुवार शाम अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ 4 घंटे बैठक चली. बाद में नीतीश कुमार ने कहा कि बैठक अच्छी रही और आगे भी वे कार्यकर्ताओं मिलते रहेंगे. कृषि बिल पर कुछ पार्टियों के विरोध पर नीतीश कुमार ने कहा कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे राजनीति कर रहे हैं. बिहार में पहले कृषि उपज के नाम पर कुछ नहीं होता था. हमारी सरकार ने किसानों के फायदे के लिए काफी कुछ किया है. 

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जेडीयू ने संसद के दोनों सदनों में कृषि बिल का समर्थन किया था. दूसरी ओर, जेडीयू के राज्यसभा सांसद और महासचिव केसी त्यागी ने अभी हाल में कहा था कि हमने दोनों विधेयकों का संसद में स्वागत किया है. हमारी पार्टी ने इनका समर्थन किया है लेकिन हम किसानों की उस मांग का भी समर्थन कर रहे हैं, जिसमें एक कानून बनाने को कहा जा रहा है जिससे कि निजी कंपनियां किसानों से एमएसपी से कम दाम पर उत्पाद न खरीदें. 

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