शराबबंदी कानून को लेकर सर्वदलीय बैठक, डिप्टी सीएम ने कहा- तालिबानी नहीं है कानून

बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर छिड़ी बहस पर आम राय बनाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया जिसमें बिहार के सभी राजनीतिक दलों के नेता मौजूद थे.

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शराबबंदी पर सरकार ने मांगी है लोगों की राय शराबबंदी पर सरकार ने मांगी है लोगों की राय

सुजीत झा

  • पटना,
  • 22 नवंबर 2016,
  • अपडेटेड 11:15 PM IST

बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर छिड़ी बहस पर आम राय बनाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया जिसमें बिहार के सभी राजनीतिक दलों के नेता मौजूद थे. सर्वदलीय बैठक में विभिन्न दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी राय और सुझाव दिए जिसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़े ही गौर से सुना.

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विभिन्न दलों के नेताओं ने शराबबंदी कानून में कठोर सजा के प्रावधानों पर चर्चा की और उसमें संशोधन करने के लिए अपने-अपने विचार दिए. बैठक के बाद बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि शराबबंदी कानून को जो भी लोग तालिबानी कानून कहते हैं वो गलत हैं, शराबबंदी का कानून किसी भी दृष्टि से तालिबानी कानून नहीं है.

तेजस्वी यादव ने कहा कि तालिबानी कानून इंसानियत के खिलाफ था जबकि शराबबंदी का जो कानून है वो इंसानियत के लिए है और समाज की भलाई के लिए है. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस पहल को सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि मद्द निषेद कानून को लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी राय दी है. जिसपर सरकार विचार करेगी और जो भी सुझाव या राय मानने लायक होगा उस पर विचार करने के बाद शराबबंदी कानून में संशोधन के लिए आने वाले विधानसभा सत्र में रखा जाएगा. उन्होंने ये भी कहा कि शराबबंदी से लोगों को तकलीफ हो रही है. उन्होंने कहा कि शराबबंदी से किस तरह की तकलीफ लोगों को हो रही है, अभी तो सबसे ज्यादा तकलीफ लोगों को नोटबंदी से हो रही है.

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सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि बीजेपी तो पहले से ही शराबबंदी कानून को लेकर आम राय बनाने के लिए सर्वदलीय बैठक की मांग करते आ रही है. उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून में किए गए कठोर सजा के प्रावधानों पर सुझाव सरकार को दिए गए हैं उम्मीद है कि सरकार उस पर विचार कर कानून में संशोधन करने का काम करेगी.

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कई कठोर सजा का जिक्र करते हुए कहा कि शराबबंदी को लेकर सरकार दोहरी नीति अपना रही है. एक तरफ बिहार में शराबबंदी लागू करती है और दूसरी तरफ बिहार में शराब का उत्पादन करती है. उन्होंने कहा कि बिहार में शराब की 13 और बीयर की दो फैक्ट्रियों से उत्पादन हो रहा है जिसे सरकार को बंद करना चाहिए.

विदित हो कि 14 नवंबर को शराबबंदी मुद्दे पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोक संवाद कार्यक्रम के तहत आम लोगों की राय भी ले चुके हैं. लोक संवाद कार्यक्रम में भी आम लोगों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से शराबबंदी कानून में कड़े प्रावधानों को फिर से समीक्षा करने की अपील की थी.

यहां उल्लेखनीय है कि शराबबंदी के नए कानून में कुछ ऐसे प्रावधान है जिस वजह से विपक्ष इस कानून को तालिबानी कानून करार दे रहा है. नए नियम के मुताबिक किसी के घर में शराब मिलती है तो उस घर के तमाम व्यस्क लोगों को गिरफ्तार कर जेल में डालने का प्रावधान है. इसके अलावा सामूहिक जुर्माना का भी प्रावधान ने शराबबंदी कानून में है.

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