पहले कोई व्यक्ति अपनी मेडिकल रिपोर्ट सबसे पहले डॉक्टर को दिखाता था रिपोर्ट की ए, बी, सी, डी डॉक्टर ही मरीज को समझाते थे, लेकिन बीते कुछ सालों में यह तस्वीर बदल गई है. अब लोग ब्लड टेस्ट से लेकर MRI जैसी रिपोर्ट तक को समझने के लिए AI के एक टूल Chat GPT का इस्तेमाल करने लगे हैं. कुछ लोग तो सीटी- एमआरआई और एक्स-रे स्कैन की फोटो भी Chat GPT पर अपलोड करके जानकारी लेते हैं. लेकिन क्या इसके भरोसे मेडिकल रिपोर्ट को समझना सही है? इस बारे में जानने के लिए आजतक.इन ने पद्म श्री पुरस्कार विजेता और महाजन इमेजिंग एंड लैब्स, नई दिल्ली के संस्थापक व चेयरमैन डॉ हर्ष महाजन से बातचीत की है.
डॉ महाजन बताते हैं कि एआई का टूल Chat GPT कोई डॉक्टर नहीं है और ना ही वह डॉक्टर की जगह ले सकता है. एआई केवल इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर जवाब देता है. वह बस मेडिकल रिपोर्ट को आसानी से समझा देता है, लेकिन व्यक्ति की पूरी बीमारी और उसकी हेल्थ के बारे में सही आकलन नहीं कर सकता है.
कई मामलों में लोगों की ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में कुछ वैल्यू तय मानक से कम या कुछ ज्यादा हो सकती हैं. एआई इसके हिसाब से ही बीमारी बताने लगता है, लेकिन सच्चाई यह है कि हर मरीज का स्वास्थ्य एक जैसा नहीं होता. कोई भी डॉक्टर रिपोर्ट देखने के बाद मरीज की उम्र, पहले से मौजूद बीमारियां, उसका पारिवारिक इतिहास और सभी नए पुराने लक्षण पूछता है. उसको ध्यान में रखकर ही पूरी रिपोर्ट पढ़ता है और बीमारी का इलाज तय करता है.
AI पर पूरी तरह भरोसा करने के क्या हैं नुकसान
डॉ महाजन बताते हैं कि केवल एआई पर भरोसा करके इलाज खुद से तय करना ठीक नहीं है. कुछ लोग एआई की आधार पर खुद ही दवा लेना शुरू कर देते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. इससे गंभीर नुकसान हो सकता है. कुछ मामलों में हल्की समस्या या फिर रिपोर्ट के किसी एक हिस्से पर ज्यादा जोर दे देता है. एआई कुछ मामलों में इंटरनेट पर उपलब्ध अधूरी या पुरानी जानकारी के आधार पर जवाब दे सकता है. इससे मरीज के बिना वजह परेशान होने की आशंका रहती है.
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AI का सही इस्तेमाल कैसे करें
AI का इस्तेमाल एक जानकारी देने वाले टूल की तरह करें तो बेहतर है. इसकी मदद से आप अपनी रिपोर्ट में लिखे मेडिकल शब्दों का मतलब समझ सकते है. अपनी जर्नल नॉलेज बढ़ाने के लिए बीमारी के बारे में सामान्य जानकारी हासिल कर सकते हैं. लेकिन एआई के जवाब के हिसाब से खुद ही बीमारी के बारे में सोच लेना या किसी निर्णय पर पहुंच जाना ठीक नहीं है. अपनी बीमारी के मामले में आपको हमेशा डॉक्टर की सलाह ही माननी चाहिए.
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विश्वसनीय हेल्थ वेबसाइटों से भी लें जानकारी
डॉ महाजन कहते हैं कि लोगों को सलाह है कि अगर किसी बीमारी के बारे में पढ़ना है और जानकारी लेनी है तो विश्वसनीय हेल्थ वेबसाइट सबसे बेहतर होती हैं. इनपर विशेषज्ञ डॉक्टर की ओर से दी गई जानकारी ही लिखी होती है. उनको पढ़ने से आपको काफी फायदा मिल सकता है.
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