इसी साल पंजाब विधानसभा चुनाव में जोरदार जीत दर्ज करने वाली आम आदमी पार्टी अब गुजरात चुनाव में ताल ठोंक रही है. लेकिन सोशल मीडिया पर एक ऐसा . जिसमें आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार के बहाने गुजरात में उसके प्रचार पर निशाना साधा जा रहा है. इस वीडियो के साथ कहा जा रहा है कि पंजाब से आए किसान गुजरात में आम आदमी पार्टी के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं.
इस वीडियो में कारों का एक काफिला दिख रहा है. एक कार की नंबर प्लेट की शुरुआत 'PB' से हो रही है, जिसे देखकर पता लगता है कि ये पंजाब की कार है. एक कार के ऊपर लाउडस्पीकर और कुछ झंडे लगे हैं. कुछ लोग भी बैठे हुए हैं और एक एनाउंसमेंट चल रहा है. एक शख्स लोगों से गुजारिश कर रहा है कि आम आदमी पार्टी को भूलकर भी वोट न दें क्योंकि पंजाब के लोग इस पार्टी से पूरी तरह त्रस्त हो चुके हैं. वो कहता है, “पंजाब का हाल देख लो पूरा पंजाब धरने पर बैठा हुआ है. हमने तो गलती कर दी है. इन्होंने हमसे तो झूठे वादे करके वोट ले लिए. लेकिन आप लोगों से हम विनती करने आए हैं कि आम आदमी पार्टी को वोट करने की गलती मत कर देना.”
इस वीडियो को शेयर करते हुए एक ने लिखा, “पंजाब के किसान गुजरात में जाकर लोगों को आम आदमी पार्टी के झूठे वादों के बारे में बता रहे हैं.” इस पोस्ट का देखा जा सकता है.
इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो गुजरात का नहीं बल्कि हरियाणा है. जहां हाल ही में आदमपुर विधासभा सीट पर उपचुनाव हुआ था. इस उपचुनाव से पहले पंजाब से पूर्व सैनिक आम आदमी पार्टी के खिलाफ प्रचार करने आए थे.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल वीडियो में एक जगह कुछ लोग धरना देते दिख रहे हैं. जिसके पीछे एक बैनर लगा है. जिसपर खैरमपुर ग्रामसभा लिखा हुआ है. कीवर्ड सर्च के जरिए हमें पता चला कि ये ग्रामसभा हरियाणा के आदमपुर इलाके में आती है. हमें की एक रिपोर्ट भी मिली. जिसके मुताबिक खैरमपुर में चल रहे इस धरने में लोगों से मिलने आदमपुर विधानसभा के प्रत्याशी भी पहुंचे थे. इस रिपोर्ट में भी वही बैनर है जो वायरल वीडियो में दिख रहा है.
थोड़ी और खोजबीन करने पर पर हमें पर एक नवंबर को अपलोड हुई एक वीडियो रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट के विजुअल्स वायरल वीडियो के विजुअल्स से काफी मिलते-जुलते हैं. इस रिपोर्ट में साफ-साफ बताया गया है कि पंजाब से आए लोग पूर्व सैनिक हैं, जो आदमपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले इस इलाके में आम आदमी पार्टी का विरोध करने आए थे.
इसके अलावा हमें एक फेसबुक पेज पर भी न्यूज रिपोर्ट के फॉर्मेट में एक नवंबर को अपलोड हुआ एक वीडियो मिला, जो वायरल वीडियो से मिलता-जुलता है. इसके साथ लिखा था, “किसान आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले पंजाब के साबका फौजियों ने आदमपुर उपचुनाव में खोला मोर्चा: पंजाब सीएम मान और आप पार्टी मुर्दाबाद के लगे नारे”.
ये पूर्व सैनिक पंजाब में गार्डिअंस ऑफ गवर्नेंस यानी GoG स्कीम की दोबारा बहाली की मांग कर रहे थे. साल 2017 कांग्रेस सरकार के दौरान लॉन्च हुई. इस स्कीम के तहत गांवों में सरकारी योजनाओं की निगरानी रखने के लिए पूर्व सैनिकों को तैनात किया जाता था. जिसके लिए उन्हें एक निश्चित मानदेय भी मिलता था.
आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस . जिसका विरोध किया जा रहा है.
तीन नवंबर को आदमपुर में उपचुनाव का नतीजा छह नवंबर को आया था. इसमें बीजेपी प्रत्याशी भव्य विश्नोई को जीत हासिल हुई, जबकि आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी सतिंदर सिंह की जमानत जब्त हो गई थी. साफ है, हरियाणा में आम आदमी पार्टी के विरोध का वीडियो गुजरात का बताकर शेयर किया जा रहा है.
सुमित कुमार दुबे