Sidharth Shukla का आध्यात्म से था लगाव, मां संग जाते थे ब्रह्माकुमारीज संस्थान

सिद्धार्थ शुक्ला को अपनी मां के साथ कई बार ब्रह्माकुमारीज संस्थान में विजिट करते देखा गया. सिद्धार्थ का ब्रह्माकुमारीज संस्थान से खास जुड़ाव बचपन से ही रहा. उनकी मां सालों से  ब्रह्माकुमारीज संस्थान जाया करती थीं. सिद्धार्थ का अंतिम संस्कार भी ब्रह्माकुमारी रीति रिवाज से ही किया जाएगा. 

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सिद्धार्थ शुक्ला सिद्धार्थ शुक्ला

अमित त्यागी

  • मुंबई,
  • 03 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 11:57 AM IST
  • सिद्धार्थ शुक्ला का अंतिम संस्कार थोड़ी देर में होगा
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर्स ने नहीं दी अंतिम राय
  • आध्यात्म से था सिद्धार्थ शुक्ला का जुड़ाव

टीवी एक्टर और बिग बाॅस 13 के विनर Sidharth Shukla के अचानक निधन से पूरे देशभर में शोक की लहर है. सिद्धार्थ शुक्ला का आध्यात्म से गहरा लगाव था. उनकी मां रीता शुक्ला ब्रह्माकुमारीज संस्थान के साथ लंबे समय से जुड़ी हुई हैं और राजयोग ध्यान के लिए अधिकतर वे माउंट आबू जाया करती थीं.

आध्यात्म में भी सिद्धार्थ शुक्ला का खास रुचि
सिद्धार्थ शुक्ला आध्यात्म के लिए माउंट आबू तो आते ही थे. साथ ही वे ब्रह्माकुमारीज संस्थान के मुम्बई के सेवा केन्द्रों पर भी जाया करते थे. उनकी योग में ज्यादा रुचि थे. वे एकांत में रहना पसंद करते थे. संस्थान प्रमुख राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने शोक संदेश भेजकर दिवंगत आत्मा को शांति के लिए प्रार्थना की है. साथ ही उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है. पहली बार वे ब्रह्माकुमारीज संस्थान के शांतिवन में तीन साल पहले गए थे, जबकि दूसरी बार वे 2018 में एक कार्यक्रम में शिरकत करने गए थे.

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सिद्धार्थ शुक्ला को अपनी मां के साथ कई बार ब्रह्माकुमारीज संस्थान में विजिट करते देखा गया. सिद्धार्थ का ब्रह्माकुमारीज संस्थान से खास जुड़ाव बचपन से ही रहा. उनकी मां सालों से  ब्रह्माकुमारीज संस्थान जाया करती थीं. सिद्धार्थ का अंतिम संस्कार भी ब्रह्माकुमारी रीति रिवाज से ही किया जाएगा. 


 

कैसे होगा सिद्धार्थ का अंतिम संस्कार?

ब्रह्मकुमारी तपस्विनी बेन ने आज तक से बातचीत में बताया कि कैसे एक्टर का अंतिम संस्कार किया जाएगा. उन्होंने कहा- सिद्धार्थ की अजर अमर अविनाशी आत्मा के निमित हम सभी जाकर बैठकर वहां मेडिटेशन करेंगे और उस पार्थिव शरीर को तिलक लगाएंगे. सुखड़ का हार, फूलों का हार पहनाएंगे. सभी ओम की ध्वनि करेंगे. परमात्मा के साथ जो जोड़ है मेडिटेशन करके उन्हें शुभकामना शुभभावना देंगे. उन्हें श्रद्धांजलि, पुष्पांजलि और स्नेहांजलि देंगे. 

 

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