परेश रावल बोले- बुरी फिल्में करने से मेरा घर चलता था

परेश रावल संजय दत्त की बायोपिक संजू में सुनील दत्त का किरदार निभा रहे हैं. उन्होंने इस किरदार पर और अपनी अन्य फिल्मों पर खुलकर बात की.

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परेश रावल परेश रावल

महेन्द्र गुप्ता

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  • 10 जून 2018,
  • अपडेटेड 7:58 AM IST

परेश रावल संजय दत्त की बायोपिक संजू में सुनील दत्त का किरदार निभा रहे हैं. उन्होंने इस किरदार पर और अपनी अन्य फिल्मों पर खुलकर बात की.

सुनील दत्त के किरदार में कैसे ढले ?

सुनील दत्त साहब का कोई स्टाइल नहीं था. वो काफी नार्मल थे, जिसे पेश करना बहुत मुश्किल काम होता है, वैसे भी पिता पुत्र की कहानी में एक बेहतरीन एक्टर पुत्र का किरदार निभा रहा हो तो सुनील दत्त साहब का किरदार थोड़ा बहुत भी दिखे तो चलता है. सुनील दत्त पूरी तरह से लौह पुरुष थे. उनके किरदार ने मुझे ये सिखाया कि अच्छा आदमी क्या होता है. उनकी आँखों में करुणा का भाव था, उनके दिल में प्यार दया काफी थी.

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सुनील दत्त से मुलाक़ात?

ज्यादा नहीं मिल पाया, कभी-कभी फिल्मों के बीच मिलना होता था. एक बार कोई कैंसर का मरीज था उसके लिए मिलने गया था.

अभिनेता और राजनेता सुनील दत्त भी थे और आप भी हैं. कैसे देखते हैं?

लोगों की उम्मीदें बढ़ जाती हैं, वो कहते हैं कि हम उनके लिए काम करें. सेलिब्रिटी होने के कारण उन्हें और उम्मीद होती है. सुनील दत्त बरसों से देश सेवा में लगे थे. काफी प्रचलित थे. कभी-कभी काम नहीं हो पाता तो आपके दिल में उसकी ग्लानि रह जाती है. मैं नया ही हूं, काम करता रहूंगा.

ऐसे रोल करते हुए सावधानी बरतते हैं ?

बस यही ध्यान रखते हैं कि कुछ भी गलत तरह से न दिखाया जाए. वैसे इस फिल्म में कुछ भी ऐसा नहीं है. संजय दत्त ने जिस तरह से कहानी कही है उससे लगता है कि ऐसी बातों में बिल्कुल मत पड़ना. गलतियों से सीखना जरूरी है.

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रणबीर कैसे एक्टर हैं ?

हर एक स्टार का बच्चा जब भी लॉन्च होता है तो एक ही तरह का काम करता है. रणबीर जबसे आये हैं तब से कैरेक्टर रोल करना शुरू कर दिया था . राजनीति‍, तमाशा, रॉकस्टार इत्यादि देखकर पता चलता है कि एक्टर की मिट्टी क्या है . उसने वही किया जो उसे पसंद है. संजू फिल्म में मिमिक्री करना अलग है. आंखों का सटीक होना बहुत जरूरी है . आवाज में भी रणबीर ने बहुत मेहनत की है. रणबीर ने जिस तरह से संजय का किरदार किया है उससे बाकी युवा अभिनाताओं को सीखना चाहिए. ये फिल्म जरूर हिट होगी.

आपको कभी टाइप कास्ट किया गया?

मुझे भी टाइप कास्ट करने की कोशिश की गयी थी, लेकिन मैं खुशनसीब हूं कि मुझे महेश भट्ट, केतन मेहता, प्रियदर्शन, राजकुमार संतोषी के जैसे निर्देशक मिले. आजकल तो टाइम बदल गया है. कहानियां और अच्छी लिखी जा रही हैं.

मोदीजी की बायोपिक कब शुरू कर रहे हैं?

इसी साल के आखिर तक शुरू हो जाना चाहिए. स्क्रिप्ट में लगभग 5% की तैयारी बाकी है. बहुत ही चैलेंजिंग है ,लेकिन मजा आएगा. फिल्म देखिये, काफी अच्छा लगेगा.

आपने क्या नया सीखा ?

हम एक्टर हैं, रोल के हिसाब से बदलाव लाते हैं, अच्छे रोल को निभाने की कोशिश करता हूं. खुद को फिट रखने की कोशिश रहती हैं.

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सबसे कठिन फिल्म ?

मुझे सरदार पटेल में बहुत अच्छा लगा था, हेरा-फेरी के बाद काफी पॉपुलर हुआ था. सुन रहा हूं अगली किश्त भी बन रही है. फिल्म की सक्सेस सबके लिए होती है . हेरा फेरी के पहले पार्ट में काफी इनोसेंस थी, दूसरे पार्ट में शायद वो बात नहीं आई.

ओह माय गॉड 2 की क्या तैयारी हैं ?

स्क्रिप्ट हमारे कब्जे में आ चुकी है, जो अगले साल मार्च में ही बन सकती है. फिल्म की कास्ट थोड़ी बदल सकती है, एक दो लोग बदल जाएंगे , क्योंकि कहानी अलग है.

संजय दत्त के बारे में बतायें ?

जो दिल में है वो उसके मुंह पर है. दिलवाला आदमी है. संजय ने मुझे सुनील दत्त साहब के बारे में कुछ बताया नहीं था. मैं उनसे मिल भी नहीं पाया था. बस फ़ोन पर बात हुई थी.

राजकुमार हिरानी के बारे में क्या कहेंगे?

बेहतरीन डायरेक्टर हैं , मैं उनके साथ मुन्नाभाई में बमन ईरानी का किरदार करने वाला था, लेकिन किन्हीं कारणों से बात नहीं बन पायी थी. बाद में मैंने साउथ वाली फिल्म में वो किरदार किया.

अच्छे एक्टर्स?

नसीरुद्दीन शाह, ओम पूरी साहब, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, इरफ़ान , राजकुमार राव, राजीव खंडेलवाल, सुशांत सिंह राजपूत, वरुण धवन, अर्जुन कपूर , ये सभी फोकस हैं . रोल को पकड़ के चलते हैं, पहले के जमाने के जैसे नहीं हैं. बिजनेस पर भी ध्यान देते हैं.आजकल के स्टार्स आमिर खान से सब सीख रहे हैं.

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अपनी जर्नी को कैसे देखते हैं ?

बहुत कुछ मिला है. मैं खुद को भाग्यशाली समझता हूं. अब भी मौका मिल रहा है. मैंने बुरी फिल्में भी की हैं जिसकी वजह से मेरा घर चलता था. जिनकी वजह से अच्छी फिल्में भी की हैं.

आप अपनी पत्नी के साथ काम कब करेंगे ?

कुछ आया तो करेंगे. साथ ही बच्चे अपना काम कर रहे हैं. एक राइटर है और दूसरा असिस्ट कर रहा है, अपने पास पैसा तो नहीं है कि बेटों को लॉन्च कर सकूं.

डायरेक्टर बनेंगे ?

काफी मेहनत का काम है. मेरा काम एक्टर के तौर पर चल रहा है. चलता हुआ रेडियो नहीं खोलना चाहिए. डायरेक्शन नहीं करूंगा. क्योंकि अच्छा डायरेक्शन काफी समय लेता है.

आने वाली फिल्में ?

उरी , फिर अनंत महादेवन की फिल्म में मैं और नसीर भाई हैं जो की सत्यजीत रे की कहानी है, फिर मेरे प्ले 'डि‍यर फादर' पर हिंदी फिल्म आशुतोष गोवारिकर बना रहे हैं , जिस पर मराठी फिल्म आपला मानुष बनी थी. शायद वो सोनाक्षी करने वाली हैं. मैंने मंटो फिल्म में एक दिन का काम किया है. नंदिता दास अच्छी डायरेक्टर हैं. मुझे मंटो का 'ठंडा गोश्त' काफी पसंद था.

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