बॉलीवुड इंडस्डट्री में यूं तो पिछले कुछ समय से बायोग्राफी फिल्में बनाने का ट्रेंड सा चला है. मगर पहले के समय में भी ऐसी फिल्में बनती थीं. यहां तक की अगर आप किसी के नाम पर भी फिल्म बना रहे हैं और कहानी-पटकथा से उसका कोई सरोकार भी नहीं है उसके बावजूद भी लोगों को इस बात से आपत्ती हो जाती थी कि उनके नाम पर फिल्म बन रही है. ऐसा ही एक किस्सा जुड़ा है अमिताभ बच्चन की फिल्म मिस्टर नटवरलाल से जिसकी कहानी एक ठग पर आधारित थी जिसका नाम नटवरलाल था. मगर फिल्म का नाम नटवरलाल रखे जाने पर खूब बवाल कटा था.
फिल्म का नाम रखे जाने के समय काफी बवाल हुआ था. कहा जाता है कि ठग नटवरलाल को जब पता चला कि उनके नाम पर अमिताभ की फिल्म का नाम रखा गया, तो ये बात उन्हें हजम नहीं हुई. उन्होंने अपने वकील की मदद फिल्म के मेकर्स को लीगल नोटिस तक भेज डाला. इसके अलावा फिल्म का नाम बदलने की मांग भी की. फिल्ममेकर नहीं चाहते थे कि फिल्म को लेकर खामखां कोई बवाल हो. इसलिए फिल्म का नाम बदल कर मिस्टर नटवरलाल रख दिया गया.
कई जगह इस फिल्म के नाम को लेकर दूसरा किस्सा भी चलता है. फिल्म का नाम नटवरलाल रखे जाने के बाद पता चला कि पहले से ही एक दूसरी फिल्म का नाम नटवरलाल रख दिया गया है. इसके बाद फिल्म का नाम मिस्टर नटवरलाल रख दिया गया. लेकिन दूसरे प्रोड्यूसर ने कहा कि किसी के नाम के आगे मिस्टर लगा देने से नाम नहीं बदल जाता. बड़ी कशमकश की स्थिति पैदा हो गई. क्योंकि फिल्ममेकर और प्रोड्यूसर्स चाहते थे कि फिल्म के टाइटल से नटवरलाल ना हटाया जाए.
आखिर में फिल्म के नाम में अमिताभ बच्चन का नाम जोड़ दिया गया. फिल्म का नाम रखा गया ''अमिताभ बच्चन इन एंड ऐज़ मिस्टर नटवरलाल''. बता दें कि सेंसर सर्टीफिकेट पर फिल्म का नाम यही लिखा है.
जब असली ठग नटवरलाल से अमिताभ की फिल्म के बारे में पूछा गया
1987 में जब वाराणसी पुलिस ने ठग नटवरलाल को गिरफ्तार किया, उस दौरान उसने खूब सुर्खियां बटोरीं. कई सारे इंटरव्यीज दिए. इंडिया टुडे को दिए गए इंटरव्यू में नटवरलाल से पूछा गया कि क्या आपने अपनी कहानी पर बनी फिल्म मिस्टर नटवरलाल देखी है? नटवरलाल ने जवाब देते हुए कहा- ''नहीं, जब मैं खुद ही असली हीरो हूं तो नकली हीरो को क्यों देखूं? जब मुझे इस फिल्म के बारे में पता चला तो मैंने इसके निर्देशक और निर्माता पर मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया.''
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