'गाना लिखने पर हुआ केस, जेल जाने से बचा तो खुश थे पिताजी'

श्रीजीत मुखर्जी के साथ अंजन दत्ता भी इंडिया टुडे कॉनक्लेव ईस्ट 2018 में पहुंचे, जहां उन्होंने अपने वर्क फ्रंट से जुड़ा पुराना किस्सा सुनाकर सभी को हंसा दिया.

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अंजन दत्ता अंजन दत्ता

पुनीत पाराशर

  • नई दिल्ली,
  • 06 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 4:29 PM IST

इंडिया टुडे कॉनक्लेव ईस्ट 2018 में बंगाली कलाकार-लेखक अंजन दत्ता ने श‍िरकत की. उन्‍होंने बताया क‍ि तरह एक बार उन पर गाना ल‍िखने के कारण केस कर द‍िया गया था.

चर्चा के दौरान अंजन दत्ता ने बताया कि एक बार एक गाने के चलते वह जेल जाते-जाते बचे थे. अंजन दत्ता ने बताया, " वो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति थी, क्योंकि यह गाना लिखने के लिए मुझ पर केस कर दिया गया था. मुझ पर एक अखबार के एडिटर ने उसका फोन इस्तेमाल करने के लिए केस क‍िया था."

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उन्होंने बताया, "मेरे पिता जो कि एक बैरिस्टर और वकील थे, उन्हें यह जानकर बहुत उत्साह महसूस हुआ कि उनका बेटा इसलिए जेल जाते-जाते बचा कि वह एक बैरिस्टर नहीं, बल्कि कलाकार बनना चाहता है. मेरे पिता ने वह केस हमारे लिए जीत लिया था. "अंजन ने इस केस के पीछे की वजह भी बताई और इसे सुनकर ऑडियंस में बैठे सभी लोग हंस पड़े.

उन्होंने कहा, "यह एक न्यूज एडिटर का पर्सनल नंबर था. इसी वजह से हम पर केस हुआ था. बाद में वह नंबर बंद कराकर उन्हें नया नंबर दिलाना पड़ा था." अंजन ने बताया "हमसे कहा गया था कि या तो गाना वापस लिया जाए या फिर उन्हें (उस वक्त पर) 1 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाए. यह वाकई में गलत है कि आप किसी का निजी फोन नंबर इस्तेमाल करें."

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