फिल्म सतलुज जो पहले पंजाब 95 से रिलीज होने वाली थी, उसपर विवाद थम नहीं रहा है. इंडिया में इसे चुपचाप ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज करना मेकर्स पर बहुत भारी पड़ा. दिलजीत दोसांझ की फिल्म पर खूब बवाल इसलिए भी हो रहा है क्योंकि सेंसर बोर्ड की तरफ से इसे सर्टिफिकेट नहीं मिला था.
दिलजीत की फिल्म सतलुज 3 अप्रैल को जी5 पर रिलीज हुई, और 5 अप्रैल को तुरंत इसे वहां से हटाया गया. सरकार की तरफ से ये बात सामने आई कि फिल्म में दिखाए कुछ सीन्स देश के खिलाफ इस्तेमाल किए जा सकते हैं. हालांकि इंडिया में बैन के बाद, जी5 इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर फिल्म सतलुज देखी जा रही थी. मगर अब ये वहां से भी हटा दी गई है.
ओटीटी से हट गई सतलुज
जी5 की इंटरनेशनल लाइब्रेरी से दिलजीत की फिल्म हट चुकी है, इसकी पुष्टि फिल्म के डायरेक्टर हनी त्रेहान ने भी किया. इस खुलासे के बाद इंटरनेट पर चर्चा तेज हो गई है. रेडिट पर कई यूजर्स ने इस बात से अपनी निराशा जाहिर की है. कुछ लोगों ने लिखा है- हर जगह इस पर बैन लगाकर लोग इसे और ज्यादा मशहूर बना रहे हैं. मेरे कुछ गैर-पंजाबी दोस्त ऐसे हैं जिन्हें इस फिल्म के बारे में बैन लगने के बाद ही पता चला, और अब वो इसी वजह से इसे देख रहे हैं.
वहीं एक दूसरे यूजर ने फिल्म पर लगे बैन पर अपनी राय शेयर की. उन्होंने लिखा- अभी मैंने भी चेक किया, हां अब ये उपलब्ध नहीं है. फिल्म पहले ही रिलीज हो चुकी है, अब इसे रोका नहीं जा सकता. लोग इसे पहले से ही एक-दूसरे को भेज रहे हैं. किसी ने इसे यूट्यूब पर भी डाल दिया था. लेकिन फिल्म बनाने वालों की मेहनत के लिए बुरा लगता है. उन्होंने इस फिल्म पर पूरी ईमानदारी से काम किया था और उनकी इस मेहनत का उन्हें कुछ कमाई जरूर मिलनी चाहिए थी.
क्यों विवादों में दिलजीत की पिक्चर?
दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज पिछले कई सालों से सेंसर बोर्ड में अटकी हुई थी. इसमें CBFC ने 100 से ज्यादा कट्स की मांग की थी, जिसे मेकर्स ने नहीं स्वीकार किया था. फिल्म की कहानी जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी को दिखाती है, जिन्होंने 80-90s के दौरान पंजाब में हुए उग्रवाद और हत्याओं का पता लगाने की कोशिश की थी. इस जांच के दौरान एक दिन उन्हें भी अचानक गायब कर दिया गया था. इसमें दिलजीत के अलावा अर्जुन रामपाल और सुविंदर विक्की जैसे कलाकार हैं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क