'मैंने प्रेमानंद महाराज पर नहीं बोला', लिव-इन रिलेशनशिप के बयान पर मचा बवाल, खुशबू पाटनी ने दी सफाई

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने जो लिव इन रिलेशनशिप पर बयान दिया था, उसने खूब सुर्खियां बटोरीं. एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन का भी इसपर रिएक्शन आया था. हालांकि कई लोगों ने कहा कि उन्होंने प्रेमानंद महाराज पर बयान दिया था. अब इस पूरे विवाद पर दिशा की बहन ने अपनी सफाई दी है.

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प्रेमानंद महाराज पर नहीं, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पर दिया था खुशबू पाटनी ने बयान (Photo: Instagram @khushboo_patani) प्रेमानंद महाराज पर नहीं, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पर दिया था खुशबू पाटनी ने बयान (Photo: Instagram @khushboo_patani)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 7:07 PM IST

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पिछले दिनों अपने एक बयान के कारण विवादों में आ गए थे. उन्होंने लिव इन रिलेशनशिप में रह रहीं लड़कियों पर भद्दा बयान दिया था. जिसपर देशभर की महिलाओं का गुस्सा फूटा था. एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन खुशबू ने भी कथावाचक के बोल को गलत ठहराकर उन्हें लताड़ा था. हालांकि उनके बयान को प्रेमानंद महाराज से जोड़ा गया जिसके बाद हर तरफ हलचल मच गई.

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क्या खुशबू ने प्रेमानंद महाराज पर दिया था बयान?

दरअसल जिस वक्त कथावाचक ने लिव इन में रह रहीं लड़कियों पर भद्दा कमेंट किया था, तभी प्रेमानंद महाराज का भी आज की पीढ़ी से जुड़ा वीडियो वायरल हुआ था. लोगों को लगने लगा कि खुशबू ने कथावाचक पर नहीं, बल्कि प्रेमानंद महाराज को लताड़ा था. हालांकि उन्होंने इस मामले में अपनी ओर से सफाई दे दी थी और साफ किया था कि उन्होंने प्रेमानंद महाराज के लिए कुछ नहीं कहा था.

अब खुशबू ने प्रूफ के लिए उस वीडियो को भी इंस्टाग्राम पर शेयर किया जिसपर उन्होंने बयान दिया था. उन्होंने बताया कि वो कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के बयान पर भड़की थीं. ना कि प्रेमानंद महाराज पर जिनके साथ उनका नाम जोड़ा गया. खुशबू ने लिखा, ' मैंने अपना बयान इस वीडियो पर दिया था जिसे तोड़-मरोड़ कर, गलत तरीके से मीडिया पर पेश किया गया. झूठी खबर फैलाई गई है. जानबूझकर मेरा बयान तोड़-मरोड़ कर, गलत संदर्भ में पेश किया गया है.'

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कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के लिए क्या बोल गईं खुशबू?

खुशबू ने आगे उन लोगों पर भी अपनी भड़ास निकाली जिन्होंने सच को तोड़-मरोड़ कर दुनिया के सामने पेश करने की कोशिश की ताकि उनकी छवि खराब हो सके. हालांकि उनका कहना है कि सच ज्यादा समय तक नहीं छिप पाया. खुशबू ने लिखा, 'लेकिन सच को दबाया नहीं जा सकता. झूठ चाहे जितनी बार फैले, आखिर में जीत हमेशा सच की ही होती है. क्योंकि शैतानों को डर लग गया कि इसने तो अब आवाज उठा दी है.'

'इसलिए मेरा नाम जानबूझकर दूसरे संतों जैसे प्रेमानंद महाराज से जोड़ा गया, ताकि लोगों को गुमराह किया जा सके, और मेरी छवि को नुकसान पहुंचे. ताकि मेरी बात को दबाया जा सके, मुझे घृणा और नफरत का सामना करना पड़े. लेकिन शैतान ये भूल गए कि वो किससे उलझ रहे हैं. जय मां काली.'

बता दें कि कथावाचक अनिरुद्धाचार्य से एक आदमी ने पूछा था कि वो कैसे उस लड़की पर यकीन कर पाए कि जिसे वो अपने घर लेकर आ रहा है, वो उसके घर के लिए सही है या नहीं? तो इसपर कथावाचक ने कहा था कि आजकल के लड़के 25-25 साल की लड़कियों को लाते हैं जो 4-5 जगह मुंह मारकर आती हैं.

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