MOVIE REVIEW: एंटरटेनमेंट का डबल डोज है 'शुभ मंगल सावधान'

2013 में आई तमिल फिल्म कल्याण समायल साधम की हिंदी रीमेक फिल्म 'शुभ मंगल सावधान' रिलीज हो गई है. अगर फिल्म देखने का प्लान बना रहे हैं तो जरा इस खबर को पढ़ लें...

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फिल्म का पोस्टर फिल्म का पोस्टर

वन्‍दना यादव

  • मुंबई,
  • 01 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 12:33 AM IST

फिल्म का नाम: शुभ मंगल सावधान

डायरेक्टर: आर एस प्रसन्ना

स्टार कास्ट: आयुष्मान खुराना, भूमि पेडणेकर, बृजेंद्र काला, शुभंकर त्रिपाठी, अंशुल चौहान, अनमोल बजाज, सीमा पाहवा अवधि: 1 घंटा 45 मिनट

सर्टिफिकेट: U/A

रेटिंग: 3 स्टार

साल 2013 में तमिल फिल्म कल्याण समयाल साधम बनी थी जिसकी बहुत सारी सराहना की गई जिसके ठीक 4 साल बाद डायरेक्टर आर प्रसन्ना ने प्रोडूसर आनंद एल राय और इरोस इंटरनेशनल के साथ मिलकर फिल्म का हिंदी रीमेक 'शुभ मंगल सावधान' के रूप में बनाया है. कहानी पुरुषों से संबंधित एक अहम प्रॉब्लम की तरफ इशारा करती है लेकिन फिल्म में और भी कई अहम मुद्दे उठाए गए हैं.

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कहानी

यह कहानी दिल्ली के रहने वाले मुदित शर्मा (आयुष्मान खुराना) और सुगंधा जोशी (भूमि पेडनेकर) की है. पहली ही नजर में मुदित को सुगंधा से प्यार हो जाता है. लेकिन वह अपने प्यार का इजहार नहीं कर पाता और जिस दिन इजहार करने जाता है उस दिन एक सड़क पर नाचने वाले भालू के चंगुल में फंस जाता है जिसे देखकर सुगंधा ठहाके मारकर हंसती है लेकिन मन ही मन में मुदित को दिल भी दे बैठती है. मुदित अपनी शादी की ऑनलाइन रिक्वेस्ट सुगंधा के घर भेजता है जिसे घरवाले स्वीकार कर लेते हैं. मुदित सुगंधा की मंगनी भी हो जाती है. लेकिन शादी से पहले सुगंधा को मुदित के गुप्त रोग (इरेक्टाइल डिसफंक्शन) के बारे में पता चलता है जिसकी वजह से बहुत सारे मोड़ आते हैं. आखिरकार क्या होता है जब मुदित और सुगंधा के परिवार वालों को भी इस बारे में पता चलता है. क्या मुदित और सुगंधा की शादी हो पाती है, यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

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क्यों देख सकते हैं फिल्म

 

- किसी भी फिल्म की कहानी अगर बढ़िया हो और पहले ही ट्रेलर में उसका जिक्र अच्छे तरीके से कर दिया जाए तो उसे देखने के लिए दर्शक जरूर जाते हैं और ऐसा ही कुछ शुभ मंगल सावधान की भी कहानी है.

- फिल्म का डायरेक्शन अच्छा है और आर एस प्रसन्ना ने कहीं से भी यह लगने नहीं दिया कि यह उनकी पहली हिंदी फिल्म है. फिल्म का बैकग्राउंड, कैमरा वर्क और साथ ही लोकेशन अच्छे हैं जो कि कहानी के संग पूरी तरीके से न्याय करते हैं.

- हितेश कवालिया के लिखे हुए डायलॉग बहुत ही उम्दा है जो आपको हंसने पर विवश करते हैं और साथ ही साथ एक बहुत ही अहम बात हंसते खेलते हुए कह जाते हैं. अलीबाबा और 40 चोर की कहानी तो आपने सुनी होगी लेकिन फिल्म देखने के बाद जब भी अलीबाबा और 40 चोर का जिक्र होगा आपको शुभ मंगल सावधान फिल्म जरूर याद रहेगी.

- आयुष्मान खुराना ने अच्छा अभिनय किया है इसी के साथ-साथ भूमि पेडनेकर भी सहज अभिनय करती हुई नजर आती है. सीमा पाहवा और बाकी जितने भी किरदार थे उन्होंने बहुत ही उम्दा एक्टिंग की है.

- फिल्म का संगीत अच्छा है और खास तौर पर सैया सैया और कान्हा वाला गाना अच्छा है, बाकी गाने भी ठीक-ठाक हैं.

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कमजोर कड़ियां

- इंटरवल तक तो फिल्म बहुत ही उम्दा है लेकिन फिल्म सेकेंड हाफ में थोड़ा ड्रैग भी करती है जिसको दुरूस्त किया जा सकता था.

- इसी के साथ फिल्म का क्लाइमेक्स भी बढ़िया बनाया जा सकता था. क्योंकि ट्रेलर से ही पता चल गया था कि आखिरकार फिल्म एक अहम मुद्दे की तरफ ध्यान आकर्षित करती है लेकिन मध्यांतर के बाद दर्शक के तौर पर किसी न किसी सरप्राइज़ की तलाश जरूर थी जो इस फिल्म में नहीं मिली है.

बॉक्स ऑफिस

फिल्म का बजट 10 से 15 करोड़ बताया जा रहा है और फिल्म को अच्छी रिलीज मिलने की उम्मीद है और वर्ड आफ माउथ सही रहा तो फिल्म को करेक्ट आडियंस ज़रूर मिलेगी. पिछले हफ्ते रिलीज हुई चारों फिल्मों ने दर्शकों को लुभा पाने में नाकामयाबी हासिल की है और इस बात का फायदा शुभ मंगल सावधान को हो सकता है.

 

 

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