दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म 'सतलुज' (पहले Punjab 95) को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. जी5 पर रिलीज होने के 48 घंटे के भीतर फिल्म को हटाए जाने के बाद अब इस मामले पर कई कलाकार खुलकर अपनी राय रख रहे हैं. पहले एक्ट्रेस गुल पनाग ने फिल्म हटाने पर सवाल उठाए, वहीं अब पंजाबी सिंगर जसबीर जस्सी भी दिलजीत दोसांझ और डायरेक्टर हनी त्रेहान के समर्थन में सामने आए हैं.
गुल पनाग बोलीं- मुश्किल इतिहास से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए
गुल पनाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबा पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि भारत को अपने इतिहास के कठिन दौर से डरने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि फिल्मों पर बहस हो सकती है, उनकी आलोचना भी हो सकती है, लेकिन उन्हें बैन करना कभी समाधान नहीं होता.
गुल ने बताया कि उन्होंने पंजाब में आतंकवाद के दौर को करीब से देखा है. उन्होंने बसों से लोगों को उतारकर मारने की घटनाएं भी सुनीं और ऐसे युवाओं की कहानियां भी देखीं, जिन्हें बिना किसी जुर्म के हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया गया. उनका कहना है कि यही अनुभव उन्हें ये मानने पर मजबूर करते हैं कि इतिहास के कठिन अध्यायों पर बनी कहानियां लोगों तक पहुंचनी चाहिए.
उन्होंने लिखा कि- फिल्म कोई इतिहास की किताब नहीं होती. वो सिर्फ एक नजरिया दिखाती है. उससे असहमत हो सकते हैं, बहस कर सकते हैं, लेकिन उसे बैन करना गलत है. गुल पनाग ने ये भी कहा कि पंजाब ने अलगाववाद को बड़ी मुश्किल से पीछे छोड़ा है और ये मान लेना कि एक फिल्म उस सोच को वापस ले आएगी, पंजाब की ताकत को कम आंकना होगा.
जसबीर जस्सी ने दिलजीत और हनी त्रेहान की तारीफ की
उधर, पंजाबी सिंगर जसबीर जस्सी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर फिल्म के डायरेक्टर हनी त्रेहान और एक्टर दिलजीत दोसांझ की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा जैसे संवेदनशील और मानवीय मुद्दे पर फिल्म बनाना बड़ी हिम्मत का काम है.
जस्सी ने कहा कि आज हर जगह इसी फिल्म की चर्चा हो रही है और शायद किसी पुरानी पंजाबी फिल्म को लेकर इतनी बातचीत नहीं हुई. उन्होंने हनी त्रेहान को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब और इंसानियत से जुड़े बेहद जरूरी मुद्दे को उठाया है.
'सच बोलने वालों से लोग डरते हैं'
जसबीर जस्सी ने कहा कि जो लोग सच की राह पर चलते हैं, उनका फर्ज होता है कि वो सच लोगों के सामने रखें. उन्होंने दिलजीत दोसांझ की भी तारीफ की कि उन्होंने इतने संवेदनशील विषय पर काम करने की हिम्मत दिखाई.
उन्होंने फिल्म पर लगे बैन और ZEE5 से हटाए जाने पर भी सवाल उठाए. जस्सी ने कहा- आखिर फिल्म को बैन क्यों किया गया? शायद लोग सच से डरते हैं. सच बोलना आसान नहीं होता और सच को स्वीकार करना उससे भी ज्यादा मुश्किल होता है.
उन्होंने ये भी कहा कि जो लोग हमेशा पंजाब के खिलाफ बोलते रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए कि ये किसी राजनीति का नहीं, बल्कि इंसानियत का मुद्दा है. जस्सी ने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा जैसे लोगों ने मानवता के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था और ऐसे लोगों की कहानी दुनिया तक पहुंचनी चाहिए.
जसबीर जस्सी ने बताया कि वो इस समय अमेरिका में हैं और जहां भी जा रहे हैं, लोग 'सतलुज' की ही बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनके गुरुओं ने हमेशा सच के साथ खड़े रहना सिखाया है और वही संदेश वो आज भी दोहराना चाहते हैं.
क्या है पूरा मामला?
'सतलुज' की कहानी मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन से प्रेरित है. फिल्म 1995 के पंजाब की पृष्ठभूमि पर आधारित है और उन आरोपों को दिखाती है, जिनमें दावा किया गया था कि पंजाब पुलिस ने हजारों लोगों की कथित तौर पर हत्या कर उनके शवों का गुपचुप अंतिम संस्कार किया था.
बताया जाता है कि थिएटर रिलीज से पहले सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 125 कट लगाने की मांग की थी. मेकर्स ने इन बदलावों को मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद फिल्म की थिएटर रिलीज टाल दी गई. तीन साल बाद फिल्म चुपचाप ZEE5 पर रिलीज हुई, लेकिन दो दिन के भीतर ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया. अब इस फैसले को लेकर बहस तेज हो गई है और फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकार खुलकर अपनी राय रख रहे हैं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क