क्यों लोग आज के व‍िलेन को पसंद कर रहे हैं? प्रेम चोपड़ा ने बताई इसकी बड़ी वजह

जहां शाहरुख खान ने अपने करियर की शुरुआत में 'डर' और 'अंजाम' जैसी फिल्मों में नेगेटिव रोल किए थे, वहीं आमिर खान ने भी 'धूम 3' में विलेन का रोल किया था. प्रेम चोपड़ा ने कहा कि अब अच्छी राइटिंग की वजह से लोग विलेन्स को भी पसंद करने लगे हैं.

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प्रेम चोपड़ा प्रेम चोपड़ा

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 19 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 6:00 PM IST

हिंदी फिल्मों में विलेन का किरदार निभाने वाले सबसे आइकॉनिक एक्टर्स में से एक प्रेम चोपड़ा, उन चेहरों में से थे, जिनके पर्दे पर आते ही जनता के चेहरे पर तनाव आ जाता था. पर्दे से इतर अपनी बेहतरीन शख्सियत के लिए इंडस्ट्री में मशहूर प्रेम चोपड़ा ने अब कहा है कि उनके जमाने में विलेन के किरदार के पीछे अच्छी राइटिंग नहीं होती थी. 

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उन्होंने कहा कि आज जिस तरह हीरो खुद नेगेटिव रोल्स के साथ एक्स्परिमेंट करते हैं, वो उन्हें बहुत अच्छा लगता है. एक नए इंटरव्यू में प्रेम चोपड़ा ने इस बारे में बात की कि आज की फिल्मों में 'रियल विलेन' क्यों नहीं होते. इसके साथ ही उन्होंने आज के विलेन्स की तारीफ भी की. 

प्रेम चोपड़ा ने की आज के एक्टर्स की तारीफ 
ज़ूम के साथ एक बातचीत में चोपड़ा ने कहा कि 'आजकल तो हीरोज खुद ही विलेन का रोल करते हैं.' 88 साल के प्रेम चोपड़ा बोले कि आज के एक्टर्स का तरीका उन्हें बहुत पसंद आता है. उन्होंने कहा, 'वर्सेटाइल आर्टिस्ट बनने की कोशिश में, आज के लीडिंग हीरो हर तरह के किरदार निभाते हैं और खुद को पक्के रोमांटिक हीरो तक ही सीमित नहीं रखते.' 

चोपड़ा ने 'आज के विलेन्स' की अलग-अलग रोल करने के लिए तारीफ भी की. उन्होंने कहा, 'वो नेगेटिव के साथ-साथ कॉमेडी भी करते नजर आते हैं और विलेन का रोल भी परफेक्शन के साथ निभाते हैं, चाहे शाहरुख हों या ऋतिक रोशन या फिर आमिर खान ही क्यों न हों, उन्होंने विलेन या बुरे लोगों के किरदार भी निभाए हैं और इसमें भी उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है.' जहां शाहरुख खान ने अपने करियर की शुरुआत में 'डर' और 'अंजाम' जैसी फिल्मों में भयानक नेगेटिव रोल किए थे, वहीं आमिर खान ने भी 'धूम 3' में विलेन का रोल किया था. 

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कैसे अलग हैं आज के विलेन 
प्रेम चोपड़ा ने कहा कि आज के विलेन, उनके जमाने की बॉलीवुड फिल्मों के विलेन से ज्यादा रिलेटेबल होते हैं. उन्होंने कहा, 'आज के विलेन में और मेरे वक्त की फिल्मों में आने वाले विलेन्स में एक बड़ा अंतर ये है कि किरदारों की बैकस्टोरी होती है, जो उन्हें इंसान बनाती है और वो जो भी करते हैं उसे जस्टिफाई करती है. जैसे, किसी ने उनके पेरेंट्स की हत्या कर दी है या उनके बचपन में उनके साथ कुछ ऐसा हुआ जिसने उन्हें बुरा आदमी बना दिया और इसकी वजह से वो बदले की राह पर चल पड़ा है. जैसे 'एनिमल' में रणबीर कपूर का किरदार है.' 

प्रेम चोपड़ा ने कहा कि इन किरदारों की अच्छी राइटिंग की वजह से ऑडियंस इन विलेन्स को पसंद करती है. उन्होंने बताया, 'हमारे जमाने में ऐसी कोई बैक स्टोरी नहीं होती थी. सिर्फ 3 क्लियर किरदार होते थे, हीरो, हिरोईन और विलेन. और जैसे ही विलेन पर्दे पर आता था, इसका मतलब होता था आफत आ गई.' 

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