एक्ट्रेस और फिल्ममेकर पूजा भट्ट की निजी जिंदगी कई विवाद से जुड़ी रही है. पिता महेश भट्ट को 'लिप किस' करने से लेकर बॉडीपेंट फोटोशूट कराने तक- पूजा कभी किसी विवाद से दूर नहीं भागी हैं. उन्होंने हमेशा साफ मन से अपनी राय रखी है.
पूजा का 90 के दशक में बॉडी-पेंट मैगजीन कवर काफी सुर्खियों में रहा था और उस समय इस पर खूब विवाद भी हुआ था. अब पूजा ने साफ किया है कि उस फोटोशूट का मकसद कभी भी विवाद खड़ा करना या लोगों को चौंकाना नहीं था.
कैसे हुई थीं राजी?
विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में पूजा ने बताया कि इस फोटोशूट का आइडिया उन्हें पत्रकार दिनेश रहेजा और मशहूर फोटोग्राफर जगदीश माली के जरिए मिला था.
पूजा ने कहा- एक तरफ मुझे इस तस्वीर के लिए काफी आलोचना झेलनी पड़ी, तो दूसरी तरफ लोगों का बहुत प्यार भी मिला. लेकिन मेरे लिए ये कभी विवाद पैदा करने वाला फोटोशूट नहीं था. दिनेश रहेजा, जिनका मैं आज भी बहुत सम्मान करती हूं, उन्होंने मुझे डेमी मूर के वैनिटी फेयर मैगजीन कवर की तस्वीर दिखाई थी. मुझे वो कवर बेहद शानदार लगा. फिर दिनेश और जीतू मेरे पास आए और बोले कि वे कुछ ऐसा ही करना चाहते हैं. उन्होंने पूछा कि क्या मैं इसके लिए तैयार हूं. मैंने तुरंत हां कह दिया. जब मैंने पूछा कि बॉडी पेंटिंग कौन करेगा, तो उन्होंने बताया कि अन्ना सिंह ये काम करेंगी.
थका देने वाले शूट के बाद किया बॉडी पेंट
पूजा ने बताया कि ये फोटोशूट उन्होंने एक लंबे शूटिंग डे के बाद किया था. उस समय वो फिल्म 'फिर तेरी कहानी याद आई' के गाने 'तेरे दर पर सनम' की शूटिंग कर रही थीं.
उन्होंने कहा- उस दिन रात करीब साढ़े नौ बजे मेरा काम खत्म हुआ. इसके बाद मैं जगदीश माली के घर गई. वहां मेरी बॉडी पेंटिंग की गई और फोटोशूट हुआ. शूट खत्म होने के बाद मैं इसे पूरी तरह भूल गई थी. लेकिन जब मैगजीन बाजार में आई तो हंगामा मच गया.
पूजा ने कहा- मैगजीन रिलीज होते ही चारों तरफ चर्चा शुरू हो गई. लेकिन उसी दौरान शहर में एक बेहद दुखद घटना हुई. बम धमाकों जैसी भयावह त्रासदी ने लोगों का ध्यान दूसरी तरफ मोड़ दिया. जाहिर है कि उस समय लोगों के पास एक महिला के बॉडी पेंट फोटोशूट से कहीं ज्यादा गंभीर मुद्दे थे.
फोटोशूट में न्यूड नहीं थीं पूजा भट्ट
सालों से इस तस्वीर को लेकर एक गलतफहमी भी बनी हुई है, जिसे पूजा ने अब दूर किया है. उन्होंने कहा- मैं उस तस्वीर में न्यूड नहीं थी. डेमी मूर के कवर में ‘बर्थडे सूट’ का मतलब था कि वो पेंट के नीचे बिना कपड़ों के थीं. लेकिन मेरे साथ ऐसा नहीं था. मैंने अंडरवियर पहन रखा था. हमें अच्छी तरह पता था कि हमारी सीमा क्या है और हमने उसे पार नहीं किया.
आइकॉनिक फोटोशूट में शुमार
पूजा ने माना कि उस दौर में ये कॉन्सेप्ट लोगों को काफी बोल्ड लगा होगा, लेकिन उनका इरादा कभी विवाद पैदा करने का नहीं था.
उन्होंने कहा- शायद उस समय लोगों को ये बहुत साहसिक और अलग लगा हो. लेकिन मैंने ये सिर्फ इसलिए किया क्योंकि मुझे ये आइडिया पसंद आया था. मुझे उन लोगों पर भरोसा था जिनके साथ मैं काम कर रही थी. इसलिए मैंने इसे किया. इसमें कोई विवाद पैदा करने की सोच नहीं थी. मैं बस खुद जैसी हूं, वैसी ही थी.
पुरानी तस्वीर के आज भी चर्चा में रहने पर पूजा ने हैरानी जताई. उन्होंने कहा- हाल ही में किसी ने फिर इस तस्वीर का जिक्र किया और लोग इसे कल्ट इमेज कहने लगे. लेकिन ऐसी चीजें प्लान करके नहीं बनाई जातीं. मैं बस अपनी असली पहचान के साथ सामने आई थी. समस्या ये है कि आज हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां झूठ बहुत ज्यादा है, इसलिए सच बोलना भी विवाद जैसा लगने लगा है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क