सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पूर्व चेयरमैन और जाने-माने फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी का 76 साल की उम्र में निधन हो गया है. मिली जानकारी के मुताबिक, वह पिछले काफी समय से सेहत से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे थे और उन्हें लिवर की गंभीर बीमारी थी.
अपनी बीमारी के दिनों को याद करते हुए उन्होंने एक बार इमोशनल खुलासा भी किया था कि जब वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे, तो पूरी इंडस्ट्री में से सिर्फ उनके पुराने दोस्त और एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ही अस्पताल में उनका हालचाल जानने पहुंचे थे.
पहलाज निहलानी फिल्म इंडस्ट्री का एक ऐसा नाम रहे हैं, जिन्होंने न सिर्फ कई सुपरहिट फिल्में दीं, बल्कि सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल भी जबरदस्त सुर्खियों और विवादों में रहा.
जब होने लगीं खून की उल्टियां
पहलाज निहलानी ने अपनी जिंदगी के एक बेहद मुश्किल दौर का जिक्र करते हुए HT दिए इंटरव्यू में बताया था कि एक रात अचानक उनकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई थी. उन्होंने कहा था, 'रात के करीब 3 बजे मुझे अचानक घबराहट और बेचैनी होने लगी. देखते ही देखते मुझे खून की उल्टियां होने लगीं, जिसके बाद डॉक्टरों ने मुझे तुरंत अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी.' यह क्रोनिक फूड पॉइजनिंग का एक बेहद गंभीर और इमरजेंसी मामला था, जिसके चलते उन्हें शुरुआती 5 से 6 दिनों तक आईसीयू (ICU) में जिंदगी की जंग लड़नी पड़ी थी.
अस्पताल के उन मुश्किल दिनों को याद कर निहलानी ने आगे कहा था, 'जब मुझे आईसीयू से बाहर शिफ्ट किया गया, तो मुझे लगा कि अब मैं ठीक हूं और अगले 2-3 दिनों में डिस्चार्ज होकर घर चला जाऊंगा. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. मेरा तापमान लगातार गड़बड़ था और बुखार कम होने का नाम नहीं ले रहा था. हर दिन शाम होते ही मेरे पेट में असहनीय दर्द शुरू हो जाता था.' डॉक्टरों के लिए भी सही डायग्नोसिस कर पाना मुश्किल हो रहा था, जिसके चलते जांच का दायरा बढ़ता गया और पूरा परिवार चिंता में डूब गया था.
शत्रुघ्न सिन्हा ने निभाया दोस्ती का फर्ज
पहलाज निहलानी की इस गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने की खबर को परिवार ने पूरी तरह से प्राइवेट रखा था, ताकि मीडिया में इसे लेकर ज्यादा चर्चा न हो. निहलानी ने बताया था कि इस बेहद कठिन समय में, जब बॉलीवुड के तमाम लोग उनसे दूर थे, तब सिर्फ उनके अजीज दोस्त और एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ही अस्पताल पहुंचे थे. जानकारी के मुताबिक करीब 28 दिनों तक मुंबई के नानावती अस्पताल में वो भर्ती हुए थे.
विवादित रहा कार्यकाल
पहलाज निहलानी साल 2015 से लेकर 2017 तक देश के सेंसर बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष रहे. हालांकि, उनका यह पूरा कार्यकाल विवादों के साए में बीता. उन पर अक्सर यह आरोप लगते रहे कि वह फिल्मों में दिखाए जाने वाले हिंसक और इंटीमेट सीन्स पर बेवजह कैंची चलाकर उन्हें छोटा कर देते हैं.
उनके कार्यकाल का सबसे बड़ा विवाद शाहिद कपूर की फिल्म 'उड़ता पंजाब' को लेकर हुआ था, जिसमें निहलानी ने कथित तौर पर 69 कट्स लगाने का आदेश दे दिया था. इस फैसले के खिलाफ मेकर्स बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचे थे, जहां अदालत ने सेंसर बोर्ड के फैसले को गलत ठहराते हुए फिल्म को सिर्फ 1 कट के साथ रिलीज करने की मंजूरी दी थी.
कई यादगार फिल्में कीं प्रोड्यूस
एक प्रोड्यूसर के तौर पर पहलाज निहलानी ने बॉलीवुड को कई ऐसी फिल्में दीं, जो आज भी दर्शकों की पसंदीदा लिस्ट में शामिल हैं. उन्होंने अपने करियर में शत्रुघ्न सिन्हा और रीना रॉय स्टारर 'हथकड़ी' (1982), गोविंदा और दिव्या भारती की सुपरहिट फिल्म 'शोला और शबनम' (1992), गोविंदा-चंकी पांडे स्टारर ब्लॉकबस्टर 'आंखें' (1993), इसके अलावा अनिल कपूर और करिश्मा कपूर की फिल्म 'अंदाज' (1994) जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस किया. उनके प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले अक्षय कुमार और करीना कपूर स्टारर 'तलाश' (2003), राय लक्ष्मी की 'जूली 2' (2017) और गोविंदा की 'रंगीला राजा' (2019) जैसी फिल्में भी बनीं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क