बॉलीवुड के दिग्गज फिल्ममेकर महेश भट्ट अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी हमेशा सुर्खियों में रहे हैं. हाल ही में उनकी बेटी पूजा भट्ट ने अपने पिता की दो शादियों और सोनी राजदान संग उनके रिश्तों पर खुलकर बात की, जिसके बाद महेश भट्ट की जिंदगी के पुराने पन्ने एक बार फिर खुल गए हैं. बहुत कम लोग जानते हैं कि जब महेश भट्ट महज 20 साल के थे, तब उन्होंने लॉरेन ब्राइट (किरण भट्ट) से शादी की थी.
लॉरेन के साथ उनका रिश्ता किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा था, जिसमें बेइंतहा मोहब्बत भी थी, खून से लिखे खत भी थे और बाद में दर्द भी था. महेश भट्ट की मशहूर फिल्म 'आशिकी' को असल में इसी प्रेम कहानी से प्रेरित माना जाता है. आइए जानते हैं कि कैसे एक अनाथालय से शुरू हुई यह कहानी सोनी राजदान और परवीन बाबी के दौर तक पहुंचते-पहुंचते हमेशा के लिए बदल गई.
अनाथालय में रहती थी पहली पत्नी
महेश भट्ट और लॉरेन ब्राइट की लव स्टोरी तब शुरू हुई थी जब दोनों बेहद कम उम्र के थे. महेश भट्ट ने खुद अपनी बेटी पूजा भट्ट के पॉडकास्ट में इस बात का खुलासा किया था कि जब वे सिर्फ 16 साल के थे और लॉरेन 14 साल की, तब उन्हें पहली नजर का प्यार हुआ था. लॉरेन उस वक्त एक अनाथालय में रहती थीं, क्योंकि उनकी मां के पास उन्हें किसी बोर्डिंग स्कूल में भेजने के पैसे नहीं थे. महेश भट्ट ने बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल के गेट पर लॉरेन को देखा था और वे उनकी खूबसूरती के कायल हो गए थे. हालांकि, शुरुआत में महेश भट्ट को लगता था कि वे लॉरेन के लायक नहीं हैं, इसलिए उन्हें बात आगे बढ़ाने में थोड़ा वक्त लगा.
खून से लिखे जाते थे खत
इस प्रेम कहानी में एक स्कूल की यूनिफॉर्म सिलने वाले दर्जी ने डाकिया का काम किया था. महेश भट्ट ने हिम्मत जुटाकर लॉरेन से बात की और फिर उस दर्जी से मिन्नतें कीं कि वह उनके खत लॉरेन तक पहुंचाए. यह काम उस दर्जी के लिए बेहद जोखिम भरा था क्योंकि पकड़े जाने पर उसकी नौकरी जा सकती थी, लेकिन उसने महेश भट्ट की मदद की. हैरान करने वाली बात यह है कि महेश भट्ट उस दौर में लॉरेन को अपने खून से खत लिखा करते थे और लॉरेन की तरफ से भी खतों में ही जवाब आता था. कहा जाता है कि महेश भट्ट की फिल्म 'आशिकी' में भी उनकी और लॉरेन की लव स्टोरी को ही दिखाया गया है.
20 की उम्र में शादी और परवीन बाबी की एंट्री
प्यार जब परवान चढ़ा तो महेश भट्ट ने महज 20 साल की उम्र में लॉरेन से शादी कर ली. शादी के बाद लॉरेन को 'किरण भट्ट' के नाम से जाना गया. इस शादी से उनके दो बच्चे हुए- पूजा भट्ट और राहुल भट्ट. शुरुआत में सब कुछ बेहद खूबसूरत था, लेकिन धीरे-धीरे इस शादीशुदा जिंदगी में कड़वाहट घुलने लगी. इसी दौरान महेश भट्ट की मुलाकात उस दौर की ग्लैमरस एक्ट्रेस परवीन बाबी से हुई. महेश भट्ट का दिल परवीन पर आ गया और एक वक्त ऐसा आया जब उन्होंने अपनी पत्नी लॉरेन को परवीन बाबी के लिए छोड़ दिया.
इस्लाम कबूल कर सोनी राजदान से शादी
परवीन बाबी के साथ रिश्ता टूटने के बाद महेश भट्ट कुछ समय के लिए लॉरेन के पास वापस जरूर लौटे, लेकिन तब तक उनकी जिंदगी का रुख बदल चुका था. जल्द ही उनकी जिंदगी में आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान की एंट्री हुई. महेश भट्ट सोनी राजदान से शादी करना चाहते थे, लेकिन वे लॉरेन को तलाक भी नहीं देना चाहते थे. इस कानूनी और व्यक्तिगत उलझन को सुलझाने के लिए महेश भट्ट ने एक बड़ा कदम उठाया. उन्होंने इस्लाम धर्म कबूल कर लिया और अपना नाम बदलकर अशरफ रखा फिर साल 1986 में शादी कर ली.
दुनिया को अलविदा कह गईं लॉरेन
महेश भट्ट की जिंदगी आगे बढ़ गई, सोनी राजदान से उनकी दो बेटियां- आलिया भट्ट और शाहीन भट्ट हुईं. इन सबके बीच, लॉरेन ब्राइट हमेशा के लिए बैकग्राउंड में चली गईं. उन्होंने अपनी जिंदगी के आखिरी साल गुमनामी में बिताए. साल 2003 में 66 साल की उम्र में लॉरेन का निधन हो गया. उनकी मौत किस वजह से हुई, यह राज आज तक कभी सामने नहीं आ पाया, लेकिन बॉलीवुड के गलियारों में जब भी महेश भट्ट के सबसे शिद्दत वाले प्यार की बात होती है, तो लॉरेन ब्राइट यानी किरण भट्ट का जिक्र जरूर आता है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क