रैपर हनी सिंह की जिंदगी में कई उतार चढ़ाव आए हैं. 2014 में वो अपने करियर के पीक पर थे. उनके बैक टू बैक हिट गानों पर दुनिया झूम रही थी. बॉलीवुड में भी उनका डंका बज रहा था. लेकिन बायपोलर डिसऑर्डर होने के बाद उनकी लाइफ बदल गई. हनी ने एक इंटरव्यू में अपने डाउनफॉल पर बात की है.
हनी सिंह का कबूलनामा
ABTalks पॉडकास्ट में हनी कहते हैं- मैं यो यो हनी सिंह था. उस वक्त इंडिया का बड़ा सुपरस्टार था. लेकिन फिर मुझमें बायपोलर डिसऑर्डर के लक्षण होने का पता चला. अगर मैं अपने बीते 7-10 साल देखूं तो मैं एक कमरे में लॉक था. किसी से बात नहीं करता था. किसी से नहीं मिलता था. इंटरनेट, रेडियो, टीवी या मीडिया, किसी भी इंफॉर्मेशन से दूर था. मैं बात तक नहीं कर रहा था. रैपर ने बताया कि इससे पहले वो दो सालों तक ड्रग एडिक्ट रहे थे. बायपोलर डिसऑर्डर ऐसी बीमारी है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. ये आपके अंदर एक डर पैदा करता है. मौत का और लोगों का डर सताने लगता है.
सिंगर ने बताया कि इस बीमारी से पहले वो नास्तिक थे. भगवान और पूजा में नहीं मानते थे. उनकी फैमिली आध्यात्मिकता की तरफ जाने को कहती थीं ताकि वो हील हो सकें. लेकिन हनी ने परिवार की ये सलाह नहीं मानी थी. उनकी मां घर में पूजा पाठ करती थीं. हनी ने कहा- मुझे वो दिन आज भी याद है जब मुझमें बदलाव आया. वो रात जब सब बदला. ऐसा वक्त आया जब मैंने कहा- भगवान, मुझे माफ करो. मैंने आपका अपमान किया. मैंने आप पर भरोसा नहीं किया. अब आप जो भी हैं. जैसे भी दिखते हैं. मैं आपका सम्मान करूंगा क्योंकि मैं आपसे कुछ चाहता हूं. वो चीज है मौत. क्योंकि मेरे अंदर जो हो रहा था मैं उसे कंट्रोल नहीं कर पा रहा था. मैं खुद से थक चुका था. उस रात, मैंने भगवान से अपने लिए मौत मांगी थी. लेकिन मुझे मौत नहीं मिली. पर जिंदगी जीने का मकसद मिला.
हनी का मानना है उस रात ने उनकी जिंदगी बदल दी थी. उन्हें बाद में एहसास हुआ कि वो ठीक होने लगे थे. उन्हें नया डॉक्टर मिला था. जब वो भगवान को मानने लगे उनकी लाइफ में चेंज आए. आज जो कुछ वो डिजर्व करते हैं, उन्हें मिल रहा है. हनी का मानना है ये उनका दूसरा जन्म है. आज भी वो बायपोलर डिसऑर्डर के पेशेंट हैं लेकिन भगवान की कृपा से वो दुनिया भर में ट्रैवल कर पा रहे हैं. शोज कर रहे हैं. म्यूजिक बना रहे हैं. हनी ने इसे चमत्कार बताया.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क