1997 में टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी. गुलशन कुमार की हत्या से पूरा बॉलीवुड हिल गया था. जांच में पता चला कि गुलशन कुमार की हत्या में म्यूजिक कंपोजर जोड़ी नदीम-श्रवण के नदीम सैफी शामिल थे. इसके बाद नदीम देश छोड़कर भाग गए और उनका बना बनाया करियर तबाह हो गया. अब अनुराधा पौडवाल ने इस कंट्रोवर्सी पर अपनी राय रखी है.
विवाद पर क्या बोलीं अनुराधा पौडवाल
अनुराधा पौडवाल से पूछा गया कि समीर जी ने कहा था कि नदीम को गुलशन कुमार की हत्या में गलत फंसा दिया गया. उन्होंने कहा कि नदीम का गुलशन जी से कोई झगड़ा तक नहीं हुआ. उस केस में उनका कोई लेना देना नहीं है. क्या आपको लगता है कि इस केस में वो शामिल थे. या फिर ये सिर्फ एक दुर्भाग्य था.
शुभाकंर मिश्रा के पॉडकास्ट में अनुराधा पौडवाला ने कहा कि मुझे नहीं पता है. मैंने निगेटिव चीजों में कभी दिलचस्पी नहीं ली. अगर कुछ है भी तो गुलशन जी ने मुझसे इस बारे में कभी बात नहीं की. इसलिए मैं उस पोजिशन पर नहीं हूं जो बता सकूं कि उस वक्त क्या हो रहा था. मैं ये बिल्कुल सच कह रही हूं. मैंने हमेशा खुद को निगेटिविटी से बहुत दूर रखा है.
इसके बाद अनुराधा पौडवाला ने लता मंगेशकर को लेकर सवाल किया गया. अनुराधा से कहा गया कि हर पॉडकास्ट आप लता मंगेशकर को अपना गुरू बताती हैं. पर लोग बातें करते हैं कि लता जी ने आपको बढ़ने नहीं दिया. इस पर उन्होंने कहा कि गुरू से कोई बराबरी नहीं करता. किसी भी फील्ड में गुरू से बराबरी नहीं की जाती. गुरू को बस फॉलो किया जाता है, उनकी पूजा की जाती है. तो मैं उनसे जितना ले सकती थी, उतना लेने की कोशिश की. एक कॉमन चीज है कि लोग दो लोगों की तुलना करते हैं. फिर वो ये बुद्धि यूज नहीं करते हैं. उन्होंने कभी ऐसा किया नहीं. लोग बस बकवास करते हैं.
अनुराधा पौडवाल ने साफ कर दिया कि वो सोशल मीडिया पर चलने वाली निगेटिविटी से दूर रहती हैं. लोग क्या कहते हैं उन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क