Afghanistan crisis पर बोले जावेद और शबाना- पश्चिमी देशों को शर्म आनी चाहिए

जावेद अख्तर ने ट्वीट किया- अमेरिका किस तरह की सुपरपावर है कि वो क्रूर तालिबान को खदेड़ नहीं पाया. ये कैसी दुनिया है, जो बिना दया के अफगानी महिलाओं को तालिबानियों के पास छोड़ दिया. उन पश्चिमी देशों को शर्म आनी चाहिए जो खुद को मानवीय अधिकारों का रक्षक होने का दावा करते हैं.

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जावेद और शबाना जावेद और शबाना

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 11:54 AM IST
  • अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा
  • शबाना आजमी ने किया रिएक्ट
  • जावेद अख्तर ने भी किया ट्वीट

अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के हटने के बाद तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया है. अफागानिस्तान में फिलहाल हालात बुरे हैं. लोग देश छोड़कर जाना चाहते हैं. काबुल एयरपोर्ट पर भारी संख्या में लोग देखे गए. हर कोई इसकी कड़ी निंदा कर रहा है. शबाना आजमी, जावेद अख्तर ने भी इस मुद्दे पर रिएक्ट किया है. जावेद अख्तर ने अमेरिका पर निशाना साधा है.

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शबाना आजमी ने किया ये ट्वीट
शबाना आजमी ने लिखा- इतिहास ने हमें सिखाया है कि धर्मान्ध लोग पहले धर्म के नाम पर कल्चर पर अटैक करते हैं. याद है कि कैसे तालिबान ने 6th शताब्दी में Bamiyan statues (बामियान बुद्ध) को ध्वस्त किया था. यह क्रूरता की ओर इशारा करता है. 

अमेरिका पर जावेद अख्तर ने साधा निशाना
जावेद अख्तर ने ट्वीट किया- अमेरिका किस तरह की सुपरपावर है कि वो क्रूर तालिबान को खदेड़ नहीं पाया. ये कैसी दुनिया है, जो बिना दया के अफगानी महिलाओं को तालिबानियों के पास छोड़ दिया. उन पश्चिमी देशों को शर्म आनी चाहिए जो खुद को मानवीय अधिकारों का रक्षक होने का दावा करते हैं.


उनके इस ट्वीट पर एक यूजर ने कमेंट किया-  अफगानी महिलाएं, कश्मीरी और फिलिस्तीन से अलग कैसे हैं? क्या उन पर कट्टपंथियों के द्वारा अत्याचार नहीं हुआ? क्या आपने वो फुटेज देखी हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चों को पेलेट गन्स और  बंदूकों से शूट किया गया.

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इस पर जावेद अख्तर ने जवाब देते हुए लिखा- क्या आप ये सजेस्ट कर रहे हैं कि कुछ दूसरी जगहों पर भी महिलाओं के साथ अन्याय और क्रूरता होती है, इसलिए तालिबानों का विरोध और निंदा नहीं की जानी चाहिए. ये कैसा लॉजिक है?

फरहान अख्तर ने भी किया ट्वीट
वहीं फरहान अख्तर ने लिखा- दुनिया की ताकतों को अभी इस बारे में बात करने की जरूरत है कि कैसे निर्दोष अफगानिस्तानियों की मदद की जाए. आने वाले दिनों और समय में नहीं, अभी.

 

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