अखिलेश ने दी सफाई- योगी सरकार के अंत की बात कर रहा था... PM मोदी की लंबी उम्र की कामना

सपा प्रमुख अखिलेश यादव इस समय पीएम मोदी को लेकर दिए एक विवादित बयान की वजह से सुर्खियों में चल रहे हैं. पीएम के वाराणसी दौरे पर अखिलेश यादव कह गए थे कि अंतिम दिनों में हर कोई वहां जाता है. अब इस बयान पर खुद अखिलेश ने आजतक से बात करते हुए सफाई पेश की है. उन्होंने कहा है कि उनका तंज तो सरकार पर था, पीएम की लंबी उम्र की वे भी कामना करते हैं.

Advertisement
सप प्रमुख अखिलेश यादव सप प्रमुख अखिलेश यादव

प्रीति चौधरी

  • लखनऊ,
  • 14 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 8:28 PM IST
  • अंतिम दिन वाले बयान पर अखिलेश यादव ने पेश की सफाई
  • अखिलेश यादव बोले- योगी सरकार के अंत की बात थी
  • 'पीएम मोदी की लंबी उम्र की कामना करता हूं'

सपा प्रमुख अखिलेश यादव इस समय पीएम मोदी को लेकर दिए एक विवादित बयान की वजह से सुर्खियों में चल रहे हैं. पीएम के वाराणसी दौरे पर अखिलेश यादव कह गए थे कि अंतिम दिनों में हर कोई वहां जाता है. अब इस बयान पर खुद अखिलेश ने आजतक से बात करते हुए सफाई पेश की है. उन्होंने कहा है कि उनका तंज तो सरकार पर था, पीएम की लंबी उम्र की वे भी कामना करते हैं.

Advertisement

पहले विवाद अब अखिलेश की सफाई

अखिलेश ने कहा कि मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया. मैंने तो जो बयान दिया था वो सिर्फ यूपी सरकार के लिए था. मेरे कहने का सिर्फ यही अर्थ था कि यूपी सरकार अब जाने वाली है. मैं तो खुद चाहता हूं की पीएम मोदी हमेशा स्वस्थ्य रहें, उनकी उम्र लंबी रहे. वहीं क्योंकि इस चुनावी प्रचार के दौरान चौकीदार और चायवाले जैसे बयान भी दिए जा रहे हैं, अब अखिलेश मानते हैं कि इन बयानों का बीजेपी को कोई फायदा नहीं पहुंचने वाला है. उनके मुताबिक यूपी में मोदी-योगी का टाइम पूरा हो चुका है.

अखिलेश का ये बयान भी हो रहा वायरल 

अखिलेश यादव का सोशल मीडिया पर एक और बयान वायरल हो रहा है. वो बयान है ‘ये डिप्टी सीएम किसने बना दिया इनको. इनको कूड़े का काम और नाली साफ का काम दोबारा दे देना चाहिए.’ इस बयान को यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से जोड़कर दावा किया जा रहा है. ये दावा खुद को बीजेपी का नेशनल मीडिया इंचार्ज बताने वाले अजय सेहरावत ने किया है. 

Advertisement

'दी लल्लनटॉप' के मुताबिक, वायरल दावे में मौजूद बयान अखिलेश यादव ने डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के लिए दिया था, ना कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के लिए. दरअसल, अखिलेश यादव ने 19 नवंबर 2021 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जो केंद्र सरकार द्वारा तीन कृषि कानून वापस लेने के बाद की गई थी. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक मीडियाकर्मी ने अखिलेश यादव से सवाल करता किया था- ‘दिनेश शर्मा ने कहा है कि चीन पाकिस्तान नहीं चाहते कि यूपी में भाजपा की सरकार आए.’ जवाब में अखिलेश यादव ने कहा था- ‘कौन नहीं चाहता? ये डिप्टी सीएम किसने बना दिया इनको. इनको कूड़े का काम और नाली साफ का काम दोबारा दे देना चाहिए.’ 

रैलियों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही

वहीं इस समय क्योंकि अखिलेश की रैलियों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है, इस पर भी सपा प्रमुख ने प्रतिक्रिया दी. उनके मुताबिक इस बार जो भीड़ दिख रही है, वो वोट में भी तब्दील होगी. ये लोगों का उत्साह है, सभी बीजेपी सरकार को उखाड़ फेंकना चाहते हैं. उन्होंने आगे ये भी कह दिया कि उनकी लाल टोपी बीजेपी के लिए खतरे की घंटी है. उन्हे समझ आ गया है कि उनकी सरकार जाने वाली है.

Advertisement

मंदिर वाली राजनीति पर अखिलेश की राय

वैसे इस समय यूपी चुनाव में मंदिर राजनीति ने भी जोर पकड़ लिया है. जब से पीएम मोदी ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का लोकार्पण किया है, इस पर चर्चा और ज्यादा होती दिख रही है. अब जब यही सवाल अखिलेश से पूछा गया तो वे साफ कह गए कि वे भी एक हिंदू हैं, लेकिन वे घर में पूजा करते हैं. वे वोटों के लिए धर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं.

गठबंधन पॉलिटिक्स पर बड़ा बयान

इंटरव्यू के दौरान अखिलेश यादव ने गठबंधन रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की. उन्होंने उम्मीद जताई कि आरएलडी के साथ आने से पूर्वांचल में बीजेपी का सूरज डूबने वाला है. उन्होंने यहां तक कह दिया कि अब उनकी पार्टी किसी दूसरे दल से गठबंधन नहीं करने जा रही है. कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए अखिलेश ने साफ कर दिया कि 2017 में उनका अनुभव काफी खराब रहा, वे कभी भी दोबारा उनके साथ गठबंधन नहीं करने जा रहे.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »