'जैसे थाना इंचार्ज को बना दिया हो कांस्टेबल', कैलाश विजयवर्गीय को विधानसभा टिकट मिलने पर कांग्रेस ने कसा तंज

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीख के ऐलान से पहले बीजेपी ने टिकट फाइनल करना शुरू कर दिए हैं. पिछले तीन दिन से बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय चर्चा में हैं. पार्टी ने कैलाश को इंदौर-1 सीट से टिकट दिया है. अब कांग्रेस ने कैलाश पर तंज कसा है और उनका डिमोशन होना बताया है.

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बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को पार्टी ने विधानसभा चुनाव का टिकट दिया है. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को पार्टी ने विधानसभा चुनाव का टिकट दिया है.

aajtak.in

  • भोपाल,
  • 28 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 11:40 AM IST

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को टिकट दिए जाने पर कांग्रेस ने तंज कसा है. कांग्रेस का कहना है कि कैलाश की स्थिति एक 'थाना प्रभारी से कांस्टेबल बनने' जैसी हो गई है. इससे पहले विजयवर्गीय ने एक बयान में कहा था कि इस बात पर विश्वास करना मुश्किल हो रहा है कि पार्टी ने मुझे आगामी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है. 

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बता दें कि विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अब तक तीन लिस्ट जारी की हैं. इनमें दो लिस्ट में 39-39 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है. जबकि तीसरी लिस्ट में छिंदवाड़ा जिले की सीट पर उम्मीदवार घोषित किया है. बीजेपी की दूसरी सूची में कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर-1 विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया गया है. यह इलाका कैलाश का गृह क्षेत्र है. 2018 के चुनाव में यहां कांग्रेस से संजय शुक्ला जीते थे और बीजेपी के सुदर्शन गुप्ता को हार मिली थी. बीजेपी अब तक 230 में से 79 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है. 

'कैलाश विजयवर्गीय का पार्टी ने डिमोशन कर दिया'

इस बीच, कांग्रेस ने कैलाश के उम्मीदवार बनाए जाने पर बार-बार आश्चर्य जताने पर तंज कसा है. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने कहा, ऐसा लगता है कि बीजेपी की टॉप लीडरशिप के बीच आंतरिक कलह चल रहा है. इसलिए विजयवर्गीय को उनकी इच्छा के खिलाफ चुनावी लड़ाई में धकेल दिया गया है. उनके जैसे वरिष्ठ नेता को विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाना एक पुलिस स्टेशन के प्रभारी का डिमोशन कर कांस्टेबल बनाने जैसा है.

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'विश्वास नहीं हो रहा है मुझे टिकट दिया है'

बीजेपी से टिकट मिलने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में कहा, मेरी चुनाव लड़ने की 'एक प्रतिशत भी इच्छा' नहीं थी. मुझे यही लग रहा था कि चुनाव प्रचार करेंगे. अब 'बड़े नेता' बन गए हैं. रोजाना 8 सभाएं करने का प्लान बनाया था. पांच हेलिकॉप्टर से और तीन कार से. लेकिन, जो सोचते हैं, वो सच कहां होता है. भगवान की इच्छा थी कि मैं चुनाव लड़ूं और एक बार फिर जनता के बीच जाऊं. यही वजह है कि पार्टी ने टिकट दे दिया. 

'बेटे आकाश इंदौर-3 सीट से विधायक'

बताते चलें कि कैलाश विजयवर्गीय ने 2018 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था. बीजेपी ने अभी इंदौर-3 सीट के लिए उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है. इस सीट से वर्तमान में कैलाश के बेटे आकाश विजयवर्गीय विधायक हैं.

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