पुणे जिला सहकारी बैंक के खिलाफ केस दर्ज, शरद पवार गुट ने चुनाव आयोग से की थी शिकायत

शरद पवार गुट के नेता रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर बताया कि बैंक आधी रात तक खुला था. साथ ही वोटिंग बूथ पर आईडी कार्ड के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले अनट्रैक ट्रांजेक्शन और फर्जी बैंक पासबुक पर भी सवाल उठाए. अजित पवार के करीबी पुणे के वेल्हे स्थित संबंधित बैंक के निदेशक मंडल में हैं.

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रोहित पवार और शरद पवार (फाइल फोटो) रोहित पवार और शरद पवार (फाइल फोटो)

ओमकार

  • पुणे,
  • 07 मई 2024,
  • अपडेटेड 9:16 PM IST

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान मंगलवार को पूरा हो गया. इस दौरान देश की 93 सीटों पर वोटिंग हुई. महाराष्ट्र की बारामती लोकसभा सीट पर भी इसी चरण में वोटिंग हुई. यहां शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले और अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार आमने सामने हैं. इस बीच शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने बारामती लोकसभा क्षेत्र में स्थित पुणे जिला सहकारी बैंक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. 

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पार्टी के नेता रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर बताया कि बैंक आधी रात तक खुला था. साथ ही वोटिंग बूथ पर आईडी कार्ड के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले अनट्रैक ट्रांजेक्शन और फर्जी बैंक पासबुक पर भी सवाल उठाए. अजित पवार के करीबी पुणे के वेल्हे स्थित संबंधित बैंक के निदेशक मंडल में हैं.

एनसीपी (शरद) ने इस संबंध में वेल्हे थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है. पार्टी ने संबंधित बैंक परिचालन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद चुनाव आयोग के अधिकारियों ने पुणे जिला सहकारी बैंक के खिलाफ मामला दर्ज किया है. जानकारी के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर देखा गया कि बैंक के 40 से 50 कर्मचारी देर रात तक काम कर रहे थे. इसके चलते चुनाव आयोग ने आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया है. 

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पवार फैमिली की पारंपरिक सीट है बारामती

बता दें कि बारामती पवार फैमिली की पारंपरिक सीट रही है. पार्टी में टूट के बाद इसी सीट पर पवार के लिए अधिक संकट है. लोकसभा चुनाव से पहले एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार पारंपरिक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच नई रेखाएं खींच रहे हैं, अजित पवार द्वारा भाजपा के साथ सत्ता में बने रहने और पार्टी पर दावा करने के बाद, बारामती लोकसभा क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं. क्योंकि भतीजे अजीत पवार की पत्नी सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं. अब सुप्रिया सुले के लिए ज्यादा वोट मांगने के लिए शरद पवार की ओर से डैमेज कंट्रोल किया जा रहा है.

अब बारामती पर है अजित पवार का वर्चस्व 

यूपीए सरकार में केंद्रीय कृषि मंत्री बनने के बाद, शरद पवार ने बारामती निर्वाचन क्षेत्र का प्रभार भतीजे अजीत पवार को सौंप दिया था क्योंकि वह महाराष्ट्र में कैबिनेट मंत्री थे. इससे अजित पवार को बारामती विधान सभा पर अपना प्रभुत्व फैलाने का मौका मिल गया. पार्टी टूटने के बाद भी अजित पवार को बारामती शहर में भारी समर्थन हासिल है. इस पर पलटवार करते हुए पवार ने संभाजी काकड़े के साथ बीजेपी नेता चंद्रराव तावरे से मुलाकात कर पुरानी दोस्ती को फिर से हवाला दिया.

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