तेजप्रताप की बगावत, 'लालू राबड़ी मोर्चा' बनाने का किया ऐलान

तेजप्रताप यादव ने कहा कि लालू राबड़ी का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ है. तेजस्वी के साथ रहने वाले ही उनको बरगला रहे हैं. काफी समय से आरजेडी में उनकी बात नहीं सुनी जा रही थी, इसलिए उन्होंने लालू राबड़ी मोर्चा बनाया है.

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तेजस्वी और लालू यादव के साथ तेजप्रताप यादव (फोटो-इंडिया टुडे आर्काइव) तेजस्वी और लालू यादव के साथ तेजप्रताप यादव (फोटो-इंडिया टुडे आर्काइव)

सुजीत झा / aajtak.in

  • पटना,
  • 01 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 9:33 PM IST

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अध्यक्ष लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने अपनी पार्टी से बगावत कर दी है. बगावत के साथ ही उन्होंने नई पार्टी 'लालू राबड़ी मोर्चा' बनाने का ऐलान किया है. तेजप्रताप यादव के मुताबिक उनकी पार्टी लोकसभा के 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. तेजप्रताप शिवहर और जहानाबाद सीट न मिलने से नाराज हैं. साथ ही, सारण सीट अपने ससुर चंद्रिका राय को देने का विरोध कर रहे हैं. तेजप्रताप का कहना है कि इस सीट पर राबड़ी देवी को चुनाव लड़ना चाहिए. अगर वो चुनाव नहीं लड़ेंगी तो तेजप्रताप खुद लड़ना चाहते हैं.

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तेजप्रताप यादव ने कहा कि जहानाबाद से चंद्रप्रकाश, शिवहर से अंगेश कुमार सिंह, बेतिया से राजन तिवारी और हाजीपुर से दलित उम्मीदवार लालू राबड़ी मोर्चा से चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि बाकी सभी सीटों पर भी जल्द ही उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी जाएगी. तेजप्रताप यादव ने कहा कि पार्टी ने जहानाबाद से सुरेंद्र यादव को टिकट दिया है जो पिछले तीन चुनाव से हार रहे हैं. उनकी जगह पर नए लोगों को टिकट देना चाहिए, इसलिए मैंने चंद्र प्रकाश को जहानाबाद से नामांकन करने के लिए कहा है.

अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव की चर्चा करते हुए तेजप्रताप यादव ने कहा कि 'मैंने उन्हें अर्जुन कहा था लेकिन उनके इर्दगिर्द रहने वाले लोग पार्टी को बर्बाद किए हुए हैं. परिवार में फूट डालने की कोशिश की जा रही है और बाहर वाले मजे लेते हैं.' तेजप्रताप ने कहा कि लालू राबड़ी का आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ है. तेजस्वी के साथ रहने वाले ही उनको बरगला रहे हैं. तेजप्रताप ने कहा कि काफी समय से आरजेडी में उनकी बात नहीं सुनी जा रही थी, इसलिए उन्होंने लालू राबड़ी मोर्चा बनाया है.

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तेजप्रताप यादव ने आगे कहा कि सारण से उनकी मां राबड़ी देवी चुनाव लड़ती हैं तो ठीक, नहीं तो वे खुद वहां से चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि कोई पार्टी नौजवानों की अनदेखी कर आगे नहीं बढ़ सकती है. नौजवान ही पार्टी को खड़ा करते हैं. उन्होंने कहा कि टिकट बंटवारे में पार्टी के प्रति समर्पित नौजवानों की अनदेखी की गई है. पार्टी के साथ खड़े रहे निष्ठावान कार्यकर्ताओं के साथ वे हमेशा खड़े हैं.

इससे पहले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने गुरुवार को छात्र राजद के संरक्षक पद से इस्तीफा दे दिया. तेजप्रताप ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी. उसमें कहा गया कि वे (तेजप्रताप) लोकसभा चुनाव में अपनी ओर से दो सीट पर अपना उम्मीदवार उतारने चाहते हैं, जिसका वे ऐलान करेंगे. इसके बाद यह प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कर दी गई. इसके कुछ ही देर बाद तेजप्रताप ने छात्र आरजेडी के संरक्षक पद से इस्तीफा दे दिया.

बाद में तेज प्रताप ने ट्वीट कर कहा, "छात्र राष्ट्रीय जनता दल के संरक्षक के पद से मैं इस्तीफा दे रहा हूं. नादान हैं वो लोग जो मुझे नादान समझते हैं. कौन कितना पानी में है सबकी है खबर मुझे." ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि बिहार के सबसे बड़े सियासी परिवार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. वैसे, यह पहला मौका नहीं है कि तेजप्रताप की नाराजगी सार्वजनिक हुई है.

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