साध्वी प्रज्ञा का दिग्विजय पर वार, बताया- भगवा आतंकवाद का सूत्रधार

भोपाल सीट से कांग्रेस के दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने पर साध्वी प्रज्ञा ने बताया कि मैं ये चुनाव इसलिए लड़ रही हूं कि ऐसे शब्दों (भगवा आतंकवाद) को देश में स्थापित करने और भगवा को बदनाम करने का प्रयास फेल किया जाए.

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भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 12:12 PM IST

मध्य प्रदेश की भोपाल सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा है कि यह चुनाव साबित कर देगा कि भगवा आतंकवाद नहीं होता है. साध्वी प्रज्ञा ने आरोप लगाया कि जो दिग्विजय सिंह भगवा आतंक के सूत्रधार रहे हैं, वही इस चुनाव में लड़ रहे हैं. ऐसे में यह चुनाव भगवा आतंकवाद को गलत साबित कर देगा.

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टीवी टुडे नेटवर्क के न्यूज डायरेक्टर राहुल कंवल से खास बातचीत में मालेगांव ब्लास्ट केस के आरोप में जेल की सजा काट चुकीं साध्वी प्रज्ञा ने बताया कि वो अपने आध्यात्मिक जीवन में बहुत खुश थीं, लेकिन भगवा को बदनाम करने वाले शख्स को हराने के लिए चुनाव लड़ने का फैसला किया.

साध्वी ने कहा कि कांग्रेस देश और धर्म के खिलाफ काम करती है. भगवा जैसे त्याग के प्रतीक को कांग्रेस आतंक से जोड़ने का काम किया है. साध्वी ने अपने खिलाफ लिए गए एक्शन को लेकर भी कांग्रेस को निशाने पर लिया. साध्वी ने कहा, 'कांग्रेस की यूपीए सरकार ने 2008 में षड्यंत्र करके मुझे जेल में डाला. भयानक यातनाएं दीं. भगवा आतंकवाद सिद्ध करने का प्रयास किया गया. इतना प्रताड़ित किया जो अकल्पनीय व असहनीय था. नौ साल तक मैंने यातनाएं झेलीं'.

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अपनी कहानी सुनाते हुए साध्वी प्रज्ञा ने इस टॉर्चर के लिए एक बार फिर शहीद हेमंत करकरे को जिम्मेदार ठहराया. साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि हेमंत करकरे की टीम में पूछताछ के दौरान मुझे जमकर गालियां दी गईं. इतनी पीड़ा दी गई कि कोई कल्पना भी नहीं कर सकता. एक साध्वी और उसके कपड़ेको गालियां दी जाती थीं. मुझे बिना सवाल किए पीटा जाता था. इन यातनाओं का आरोप लगाते हुए साध्वी प्रज्ञा ने दिग्विजय सिंह पर हिंदुत्व व भगवा को बदनाम करने वाला सूत्रधार बताया.

साध्वी प्रज्ञा सिंह ने कहा, 'वो (दिग्विजय सिंह) कैसे कह सकते हैं कि वो हिंदू हैं. उन्होंने मीडिया के सामने बोला है कि हिंदुत्व मेरे एजेंडे में नहीं है. यदि वो हिंदू होते तो भगवा को आतंकवाद कैसे कह सकते थे'.

जब साध्वी प्रज्ञा से सवाल किया गया कि क्या दिग्विजय सिंह उनके लिए विलेन नंबर वन हैं तो इसका  जवाब देते हुए साध्वी ने कहा, 'वो एक व्यक्ति हैं. इस प्रकार की विचारधारा से हमारी लड़ाई है. लेकिन ऐसा क्यों होता है कि जो देशहित की बात करता है उसे जेल में डाल दिया जाता है'.

लेकिन जब उनसे यह सवाल किया गया कि जब भगवा आतंकवाद शब्द आया तो वक्त के गृह सचिव रहे आरके सिंह अब बीजेपी के साथ हैं तो इस पर उन्होंने जवाब देने से इंकार कर दिया.

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साथ ही भगवा आतंकवाद या इस्लामिक आतंकवाद को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो साध्वी ने कहा कि ये देखना पड़ता है कि परंपराएं क्या रही हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति आतंक वाली नहीं रही है, जबकि इस्लामिक आतंकवाद को उन्होंने काटने और छांटने की परंपराओं से जोड़कर जवाब दिया.

भोपाल सीट से कांग्रेस के दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने पर साध्वी प्रज्ञा ने बताया कि मैं ये चुनाव इसलिए लड़ रही हूं कि ऐसे शब्दों (भगवा आतंकवाद) को देश में स्थापित करने और भगवा को बदनाम करने का प्रयास फेल किया जाए. उन्होंने कहा कि इस चुनाव में ये साबित हो जाएगा कि भगवा आतंकवाद नहीं हो सकता है.

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